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केशवदास की 'रामचंद्रचंद्रिका' से यमक अलंकार के कुछ अन्य उदाहरणों का संकलन कीजिए। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

केशवदास की 'रामचंद्रचंद्रिका' से यमक अलंकार के कुछ अन्य उदाहरणों का संकलन कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  1.  तेलनि तूलनि पूँछि जरी न जरी, जरी लंक जराइ-जरी।
    'जरी' 'जरी' 'जरी' यमक अलंकार का उदाहरण है। इसमें एक 'जरी' का अर्थ जलना है, एक 'जरी' का अर्थ जरा-सा है तथा तीसरी 'जरी' का अर्थ जड़ी हुई है। अतः एक शब्द का प्रयोग तीन बार हुआ है और तीनों बार इसके अर्थ भिन्न-भिन्न है इसलिए यह यमक अलंकार का उदाहरण है।
  2. चहुँ ओरनि नाचति मुक्तिनटी गुन धूरजटी जटी पंचबटी।।
    'जटी' 'जटी' यमक अलंकार का उदाहरण है। इसमें एक 'जटी' का अर्थ जलना है और एक 'जटी' का अर्थ जरा-सा है। अतः एक शब्द का प्रयोग दो बार हुआ है और दोनों बार इसके अर्थ भिन्न-भिन्न है इसलिए यह यमक अलंकार का उदाहरण है।
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केशवदास
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अध्याय 1.1: केशवदास (रामचंद्रिका) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६३]

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एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
अध्याय 1.1 केशवदास (रामचंद्रिका)
प्रश्न-अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ ६३
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