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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए। अघओघ की बेरी कटी बिकटी निकटी प्रकटी गुरूजान-गटी। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए।

अघओघ की बेरी कटी बिकटी निकटी प्रकटी गुरूजान-गटी।

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उत्तर

प्रस्तुत पंक्तियों में पंचवटी के सौंदर्य तथा पवित्रता का वर्णन देखने को मिलता है। कवि के अनुसार पंचवटी के दर्शन मात्र से ही घोर पापों के बंधनों से मुक्ति प्राप्त हो जाती है। इसके अंदर ज्ञान के भंडार भरे पड़े हैं, यहाँ जाकर इसका आभास हो जाता है। पंचवटी पापों को मिटाने तथा पुण्यों को बढ़ाने में सक्षम है।

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रामचंद्रचंद्रिका
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अध्याय 1.1: केशवदास (रामचंद्रिका) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६३]

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एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
अध्याय 1.1 केशवदास (रामचंद्रिका)
प्रश्न-अभ्यास | Q 6. (ख) | पृष्ठ ६३

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