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"कह कविराय" काव्य का रचना बोध लिखिए। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

"कह कविराय" काव्य का रचना बोध लिखिए।

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

यहाँ कुंडलियों के माध्यम से विविध नैतिक व सामाजिक सद्गुणों को अपनाने की बात की गई है।

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कह कविराय
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अध्याय 2.01: कह कविराय - रचना बोध [पृष्ठ ४१]

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बालभारती Hindi - Lokbharati 9 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 2.01 कह कविराय
रचना बोध | Q (१) | पृष्ठ ४१

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संजाल पूर्ण कीजिए:


अपना शीस इसके लिए आगे करना चाहिए तो इसकी प्राप्ति होगी?


बड़ों के द्‌वारा दी गई सीख


‘हाथ’ शब्‍द पर प्रयुक्‍त कोई एक मुहावरा लिखकर उसका वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।


‘खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं’ इसपर अपना मत स्‍पष्‍ट कीजिए।


‘बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ’, कवि के इस कथन की हमारे जीवन में सार्थकता स्पष्ट कीजिए।


कौआ और कोकिल में समानता तथा अंतर:

  समानता अंतर कवि की दृष्टि से
कौआ      
कोकिल      

कविता (कह कविराय) में कवि की दृष्टि से मित्र की परिभाषा -

  1.  ______
  2. ______
  3. ______
  4. ______ 

आकृति:


कविता (कह कविराय) में प्रयुक्त तत्सम, तद्‌भव, देशज शब्दों का चयन करके उनका वर्गीकरण कीजिए तथा पाँच शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए।


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कविता (कह कविराय) में कवि के मतानुसार मनुष्य की विचारधारा निम्न मुद्दे के आधार पर स्पष्ट कीजिए:

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