Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कविता (कह कविराय) में कवि की दृष्टि से मित्र की परिभाषा -
- ______
- ______
- ______
- ______
उत्तर
कविता (कह कविराय) में कवि की दृष्टि से मित्र की परिभाषा -
- स्वार्थी होते हैं।
- पैसा होने पर साथ रहते हैं।
- पैसा नहीं होने पर सीधे मुँह बात तक नहीं करते हैं।
- नि:स्वार्थ प्रेम करनेवाले बहुत ही कम होते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
संजाल पूर्ण कीजिए:
अपना शीस इसके लिए आगे करना चाहिए तो इसकी प्राप्ति होगी?
बड़ों के द्वारा दी गई सीख
‘हाथ’ शब्द पर प्रयुक्त कोई एक मुहावरा लिखकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
‘खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं’ इसपर अपना मत स्पष्ट कीजिए।
"कह कविराय" काव्य का रचना बोध लिखिए।
‘बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ’, कवि के इस कथन की हमारे जीवन में सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
कौआ और कोकिल में समानता तथा अंतर:
समानता | अंतर | कवि की दृष्टि से | |
कौआ | |||
कोकिल |
आकृति:
कविता (कह कविराय) में प्रयुक्त तत्सम, तद्भव, देशज शब्दों का चयन करके उनका वर्गीकरण कीजिए तथा पाँच शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
कविता (कह कविराय) में कवि के मतानुसार मनुष्य की विचारधारा निम्न मुद्दे के आधार पर स्पष्ट कीजिए:
ॠण लेते समय
कविता (कह कविराय) में कवि के मतानुसार मनुष्य की विचारधारा निम्न मुद्दे के आधार पर स्पष्ट कीजिए:
ॠण लौटाते समय