हिंदी

किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके कुल से होती है या उसके कर्मों से? तर्क सहित उत्तर दीजिए। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके कुल से होती है या उसके कर्मों से? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्धारण उसकी जाति या धर्म से न होकर उसके कर्मों के आधार पर होती है। कबीर ने स्वर्ण कलश और सुरा (शराब) के माध्यम से अपनी बात स्पष्ट की है।

जिस प्रकार सोने के कलश में शराब भर देने से शराब का महत्व बढ़ नहीं जाता तथा उसकी प्रकृति नहीं बदलती। उसी प्रकार श्रेष्ठ कुल में जन्म लेने मात्र से किसी भी व्यक्ति का गुण निर्धारित नहीं किया जा सकता। मनुष्य के गुणों की पहचान उनके कर्म से होती है। अपने कर्म के माध्यम से ही हम समाज मे प्रतिष्ठित होते हैं। कुल तथा जाति द्वारा प्राप्त प्रतिष्ठा अस्थाई होती है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 9: साखियाँ एवं सबद - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 9 साखियाँ एवं सबद
प्रश्न अभ्यास | Q 6 | पृष्ठ ९३

संबंधित प्रश्न

'ज्ञानी' से कवयित्री का क्या अभिप्राय है?


‘ब्रज के बन-बाग, तड़ाग निहारौं’ का अशय स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि ने ऐसा क्यों कहा है?


भाव स्पष्ट कीजिए -
हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जूआ, खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कुँआ।


‘बच्चे काम पर जा रहे हैं’-कविता में काले पहाड़ किसके प्रतीक हैं? ये काले पहाड़ किस तरह हानिप्रद हैं?


निम्न पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

तिनकों के हरे हरे तन पर

हिल हरित रुधिर है रहा झलक


चाँदी की उजली जाली के समान किसे कहा गया है? यह जाली कहाँ दिखाई दे रही है?


गंगा के किनारों का सौंदर्य देखकर कवि अभिभूत क्यों है? ‘भ श्री’ कविता के आधार पर लिखिए।


अलसी के मनोभावों का वर्णन कीजिए।


मेघों के लिए 'बन-ठन के, सँवर के' आने की बात क्यों कही गई है?


कविता में प्रयुक्त आँचलिक शब्दों की सूची बनाइए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×