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प्रश्न
किसी लोलक के गोलक A को, जो ऊर्ध्वाधर से 30° का कोण बनाता है, छोड़े जाने पर मेज पर, विरामावस्था में रखे दूसरे गोलक B से टकराता है जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है। ज्ञात कीजिए कि संघट्ट के पश्चात् गोलक A कितना ऊँचा उठता है? गोलकों के आकारों की उपेक्षा कीजिए और मान लीजिए कि संघट्ट प्रत्यास्थ है।
उत्तर
जब एक लोलक का गोलक A, जिसे ऊर्ध्वाधर से 30° के कोण पर छोड़ा गया है, मेज पर विरामावस्था में रखे एक समान द्रव्यमान के दूसरे गोलक B से टकराता है और यह संघट्ट प्रत्यास्थ होता है, तो उनकी गतियाँ आदान-प्रदान हो जाती हैं। इस प्रत्यास्थ संघट्ट के परिणामस्वरूप, गोलक A तुरंत स्थिर हो जाता है, जबकि गोलक B को गोलक A की टकराने से ठीक पहले की गति प्राप्त हो जाती है। इसलिए, संघट्ट के बाद गोलक A फिर से ऊंचाई पर नहीं उठता है; वह स्थिर रहता है।
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