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किसी लोलक के गोलक A को, जो ऊधर से 30° का कोण बनाता है, छोड़े जाने पर मेज पर, विरामावस्था में रखे दूसरे गोलक B से टकराता है जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

किसी लोलक के गोलक A को, जो ऊर्ध्वाधर से 30° का कोण बनाता है, छोड़े जाने पर मेज पर, विरामावस्था में रखे दूसरे गोलक B से टकराता है जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है। ज्ञात कीजिए कि संघट्ट के पश्चात् गोलक A कितना ऊँचा उठता है? गोलकों के आकारों की उपेक्षा कीजिए और मान लीजिए कि संघट्ट प्रत्यास्थ है।

Answer in Brief

Solution

जब एक लोलक का गोलक A, जिसे ऊर्ध्वाधर से 30° के कोण पर छोड़ा गया है, मेज पर विरामावस्था में रखे एक समान द्रव्यमान के दूसरे गोलक B से टकराता है और यह संघट्ट प्रत्यास्थ होता है, तो उनकी गतियाँ आदान-प्रदान हो जाती हैं। इस प्रत्यास्थ संघट्ट के परिणामस्वरूप, गोलक A तुरंत स्थिर हो जाता है, जबकि गोलक B को गोलक A की टकराने से ठीक पहले की गति प्राप्त हो जाती है। इसलिए, संघट्ट के बाद गोलक A फिर से ऊंचाई पर नहीं उठता है; वह स्थिर रहता है।

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संघट्ट
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Chapter 6: कार्य, ऊर्जा और शक्ति - अभ्यास [Page 140]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 11
Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति
अभ्यास | Q 6.17 | Page 140

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किसी बहुकण निकाय के कुल संवेग-परिवर्तन की दर निकाय के ______ के अनुक्रमानुपाती होती है। 


किन्हीं दो पिण्डों के अप्रत्यास्थ संघट्ट में वे राशियाँ, जो संघट्ट के बाद नहीं बदलती हैं; निकाय की ______ हैं।


बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य। अपने उत्तर के लिए कारण भी दीजिए।

किन्हीं दो पिंडों के प्रत्यास्थ संघट्ट में, प्रत्येक पिंड का संवेग व ऊर्जा संरक्षित रहती है।


बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य। अपने उत्तर के लिए कारण भी दीजिए।

किसी अप्रत्यास्थ संघट्ट में, किसी निकाय की अंतिम गतिज ऊर्जा, आरंभिक गतिज ऊर्जा से हमेशा कम होती है।


निम्नलिखित का उत्तर ध्यानपूर्वक, कारण सहित दीजिए:

दो गेंदों के किसी प्रत्यास्थ संघट्ट की लघु अवधि में क्या कुल रेखीय संवेग संरक्षित रहता हैं?


किसी गैस-पात्र में कोई अणु 200 m s-1 की चाल से अभिलंब के साथ 30° का कोण बनाता हुआ क्षैतिज दीवार से टकराकर पुनः उसी चाल से वापस लौट जाता है। क्या इस संघट्ट में संवेग संरक्षित है? यह संघट्ट प्रत्यास्थ है या अप्रत्यास्थ?


दो समरूपी बॉल-बियरिंग एक-दूसरे के संपर्क में हैं और किसी घर्षणरहित मेज पर विरामावस्था में हैं। इनके साथ समान द्रव्यमान का कोई दूसरा बॉल-बियरिंग, जो आरंभ में y चाल से गतिमान है. सम्मुख संघट्ट करता है। यदि संघट्ट प्रत्यास्थ है तो संघट्ट के पश्चात् निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम संभव है?


200 kg द्रव्यमान की कोई ट्रॉली किसी घर्षणरहित पथ पर 36 km h-1 की एकसमान चाल से गतिमान है। 20 kg द्रव्यमान का कोई बच्चा ट्रॉली के एक सिरे से दूसरे सिरे तक (10 m दूर) ट्रॉली के सापेक्ष 4 m s-1 की चाल से ट्रॉली की गति की विपरीत दिशा में दौड़ता है और ट्रॉली से बाहर कूद जाता है। ट्रॉली की अंतिम चाल क्या है? बच्चे के दौड़ना आरंभ करने के समय से ट्रॉली ने कितनी दूरी तय की ?


चित्र में दिए गए स्थितिज ऊर्जा वक्रों में से कौन-सा वक्र संभवतः दो बिलियर्ड-गेंदों के प्रत्यास्थ संघट्ट का वर्णन नहीं करेगा? यहाँ r गेंदों के केंद्रों के मध्य की दूरी है और प्रत्येक गेंद का अर्धव्यास R है।

(i)

(ii)

(iii)

(iv)

(v)

(vi)


विरामावस्था में किसी मुक्त न्यूट्रॉन के क्षय पर विचार कीजिए n → p + e

प्रदर्शित कीजिए कि इस प्रकार के द्विपिंड क्षय से नियत ऊर्जा का कोई इलेक्ट्रॉन अवश्य उत्सर्जित होना चाहिए, और इसलिए यह किसी न्यूट्रॉन या किसी नाभिक के β – क्षय में प्रेक्षित सतत ऊर्जा वितरण का स्पष्टीकरण नहीं दे सकता। 


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