Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कॉपर fcc जालक के रूप में क्रिस्टलीकृत होता है जिसके कोर की लम्बाई 3.61 x 10-8 cm है। यह दर्शाइए कि गणना किए गए घनत्व के मान तथा मापे गए घनत्व 8.92 g cm-3 में समानता है।
उत्तर
fcc जालक में Z = 4, कोर की लम्बाई, a = 3.61 x 10-8 cm, घनत्व ρ = ?
कॉपर का परमाण्विक द्रव्यमान, M = 63.5 g mol-1
घनत्व, `rho = ("Z" xx "M")/("N"_"A" xx "a"^3)`
`= (4 xx 63.5 " g mol"^-1)/(6.02 xx 10^23 " mol"^-1 xx (3.61 xx 10^-8 " cm")^3)`
= 8.97 g cm-3
अतः घनत्व का गणनात्मक मान 8.97 g cm-3 तथा मापे गये घनत्व का मान 8.92 g cm-3 लगभग समान हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
उपस्थित अन्तराआण्विक बलों की प्रकृति के आधार पर निम्नलिखित ठोसों को विभिन्न संवर्गों में वर्गीकृत कीजिए-
पोटैशियम सल्फेट, टिन, बेंजीन, यूरिया, अमोनिया, जल, जिंक सल्फाइड, ग्रेफाइट, रूबिडियम, आर्गन, सिलिकन कार्बाइड।
किस प्रकार के ठोस विद्युत चालक, आघातवर्थ्य और तन्य होते हैं?
समझाइए - धात्विक एवं आयनिक क्रिस्टलों में समानता एवं विभेद का आधार।
एक घनीय ठोस दो तत्वों P एवं Q से बना है। घन के कोनों पर Q परमाणु एवं अन्तःकेन्द्र पर P परमाणु स्थित हैं। इस यौगिक का सूत्र क्या है? P एवं Q की उपसहसंयोजन संख्या क्या है?
नायोबियम का क्रिस्टलीकरण अन्तःकेन्द्रित घनीय संरचना में होता है। यदि इसका घनत्व 8.55 g cm-3 हो तो इसके परमाण्विक द्रव्यमान 93u का प्रयोग करके परमाणु त्रिज्या की गणना कीजिए।
निम्नलिखित में से कौन-सा जालक (नेटवर्क) ठोस है?
निम्नलिखित में से कौन-सा आयनिक ठोसों का अभिलक्षण नहीं है?
निम्नलिखित में से ठोसों में चालकता का सही क्रम कौन-सा है?
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं?
- रिक्तिका दोष से पदार्थ का घनत्व कम होता है।
- अंतराकाशी दोष से पदार्थ का घनत्व बढढता है।
- अशुद्ध दोष का पदार्थ के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- फ्रेंकल दोष पदार्थ के घनत्व में वृद्धि का परिणाम है।
अभिकथन - ग्रैफ़ाइट विद्युत् का चालक होता है जबकि हीरा कुचालक होता है।
तर्क - ग्रैफ़ाइट मुलायम होता है जबकि हीरा बहुत कठोर एवं भंगुर होता है।