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कॉपर मेट को सिलिका की परत चढ़े हुए परिवर्तकों में क्यों रखा जाता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

कॉपर मेट को सिलिका की परत चढ़े हुए परिवर्तकों में क्यों रखा जाता है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

सिलिका युक्त परिवर्तक (बेसेमर परिवर्तक) में मेट में उपस्थित शेष FeS को FeO में ऑक्सीकृत करने के लिए रखा जाता है जो सिलिका के साथ संयोग कर संगलित धातुमल बनाता है।

\[\ce{2FeS + 3O2 -> 2FeO + 2SO2}\]

\[\ce{FeO + SiO2 -> \underset{{धातुमल}}{FeSiO3}}\]

जब संपूर्ण लोहे को धातुमल के रूप में पृथक् कर लिया जाता है, तब कुछ Cu2S ऑक्सीकरण के फलस्वरूप Cu2O बनाता है जो अधिक Cu2S के साथ अभिक्रिया करके कॉपर धातु बनाता है।

\[\ce{2Cu2S + 3O2 -> 2Cu2O + 2SO2 ^}\]

\[\ce{2Cu2O + Cu2S -> 6Cu ↓ SO2 ^}\]

अत: कॉपर मेट को सिलिका की परत चढ़े हुए परिवर्तक में मेट में उपस्थित FeS को FeSiO3 धातुमल के रूप में हटाने के लिए भी रखा जाता है।

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ऑक्सीकरण अपचयन
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अध्याय 6: तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम - अभ्यास [पृष्ठ १७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 6 तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम
अभ्यास | Q 6.17 | पृष्ठ १७२
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