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प्रश्न
क्षोभमंडल पर ओजोन परत के क्षय में होने वाली अभिक्रिया कौन-सी है?
उत्तर
ओजोन परत में अवक्षय को मुख्य कारण क्षोभमंडल से क्लोरोफ्लुओरोकार्बन (CFC) यौगिकों का उत्सर्जन है। CFC वायुमंडल की अन्य गैसों से मिश्रित होकर सीधे समतापमंडल में पहुँच जाते हैं। समतापमंडल में ये शक्तिशाली विकिरणों द्वारा अपघटित होकर क्लोरीन मुक्त मूलक उत्सर्जित करते हैं।
\[\ce{CF2Cl2(g) ->[hv]\overset{\bullet}{C}l(g) + \overset{\bullet}{C}F2Cl(g)}\]
क्लोरीन मुक्त मूलक तब समतापमंडलीय ओजोन से अभिक्रिया करके क्लोरीन मोनोक्साइड मूलक तथा आण्विक ऑक्सीजन बनाते हैं।
\[\ce{\overset{\bullet}{C}l(g) + O3(g) -> Cl\overset{\bullet}{O}(g) + O2(g)}\]
क्लोरीन मोनोक्साइड मूलक परमाण्वीय ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके अधिक क्लोरीन मूलक उत्पन्न करता है।
\[\ce{Cl\overset{\bullet}{O}(g) + O(g) -> C\overset{\bullet}{l}(g) + O2(g)}\]
क्लोरीन मूलक लगातार पुनर्योजित होते रहते हैं एवं ओजोन को विखंडित करते हैं। इस प्रकार CFC, समतापमंडल में क्लोरीन मूलकों को उत्पन्न करने वाले एवं ओजोन परत को हानि पहुँचाने वाले परिवहनीय कारक हैं।