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प्रश्न
।। कथनी मीठी खाँड़-सी ।।
उत्तर
कथनी अर्थात वाणी सदैव मधुर व कर्णप्रिय होनी चाहिए। खाँड़ गुड़ बनने की पहले की स्थिति का एक तरल मीठा पदार्थ है। कथनी यदि मीठी खाँड़-सी होगी तो सुननेवाले को दुख में भी सुख व संतोष का अनुभव होगा। अधिकतर समस्याओं का कारण ही वाणी की कटुता है। मधुर वाणी सभी को सुनना पसंद है। यह सहज व स्वाभाविक भी है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और समाज में वह मिल-जुलकर ही रह सकता है। मधुर वाणी मिलाने अर्थात जोड़ने का काम करती है। वाणी ही अन्य धर्म, पंथ, समुदाय के आपसी दरारों को मिटाकर मित्रता बढ़ाने का काम भी करती है। मीठे वचन बोलने वाला सर्वत्र पूजनीय व प्रशंसनीय होता है। वाणी में यदि मिठास होगी अर्थात विनम्रता व प्रेम से युक्त होगी तो सफलता के सभी आयाम चरणों में आ गिरते हैं। यश व अर्थ प्राप्ति के लिए मधुर वाणी एक प्रभावी व सफल माध्यम है।
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