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प्रश्न
क्वथनांक में 25K अथवा उससे कम अंतर वाले मिश्रणीय द्रवों को पृथक करने के लिए प्रयुक्त विधि प्रभाजी आसवन है। प्रभाजी आसवन के उपकरण का कौन-सा भाग इसे दक्ष बनाता है तथा सामान्य आसवन से अधिक प्रभावकारी है। चित्र बनाकर समझाइए।
उत्तर
प्रभाजी आसवन में, एक प्रभाजी स्तंभ का उपयोग किया जाता है जिसे कांच के मनकों या छोटी प्लेटों से पैक किया जाता है। यह वाष्प के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाता है और जब वे मोतियों या प्लेटों के संपर्क में आते हैं तो वे जल्दी से ऊर्जा खो देते हैं और जल्दी से संघनित हो सकते हैं। स्तंभ की लंबाई प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाएगी।
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