Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या आप यह उचित समझते हैं कि साझेदार के प्रवेश के समय परिसंपत्तियों एवं दायित्वों का पुनर्मुल्यांकन किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी बताएँ इसका लेखांकन व्यवहार क्या होगा?
उत्तर
नये साझेदार की प्रवेश से पूर्व संपत्तियों तथा दायित्वों को कम या अधिक मूल्य पर दर्शाया हो सकता है उन्हें वास्तविक मूल्य पर लेन हेतु अथवा कुछ गैर अभिलेखित संपत्तियों तथा दायित्व भी हो सकता है। जिनको पुस्तकों में लाने हेतु पुनर्मूल्यांकन खाता बनाया जाता है।
रोजनामचा प्रविष्टियाँ -
(i) परिसंपत्तियों के मूल्य में वृद्धि पर -
परिसंपत्ति खाता ...नाम |
पुनर्मूल्यांकन खाते से (लाभ) |
(ii) परिसंपत्तियों के मूल्य में कमी पर -
पुनर्मूल्यांकन खाता ...नाम |
परिसंपत्ति खाते से (हानि) |
(iii) दायित्व के मूल्य में वृद्धि पर
पुनर्मूल्यांकन खाता ...नाम |
दायित्व खाते से (हानि) |
(iv) दायित्व के मूल्य में कमी पर -
दायित्व खाता ...नाम |
पुनर्मूल्यांकन खाते से (लाभ) |
(v) गैर-अभिलेखित परिसंपत्ति के लिए
परिसंपत्ति खाता ...नाम |
पुनर्मूल्यांकन खाते से (लाभ) |
(vi) गैर-अभिलेखित दायित्व के लिए
पुनर्मूल्यांकन खाता ...नाम |
देयता खाते से (हानि) |
(vii) पुनर्मूल्यांकन पर लाभ को हस्तांतरण करने पर, यदि जमा शेष हो
पुनर्मूल्यांकन खाता ...नाम |
पुराने साझेदारों के पूँजी खाते से (व्यक्तिगत) (पुराने अनुपात में) |
(viii) पुनर्मूल्यांकन पर हानि को हस्तांतरित करने पर
पुराने साझेदारों के पूँजी खाते (व्यक्तिगत) (नाम) |
पुनर्मूल्यांकन खाते से (पुराने अनुपात में) |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
साझेदार के प्रवेश के समय परिसंपत्तियों और दायित्वों के पुर्नमुल्यांकन की आवश्यकता क्यों होती है?
पुनर्मूल्यांकन के पश्चात फर्म की परिसंपत्तियों एवं दायित्व किस् मूल्य पर फर्म की पुस्तकों में दर्शाये जाते हैं। काल्पनिक तुलन पत्र की सहायता से समझाएँ।
ख्याति के मूल्य की गणना पाँच वर्षो के औसत लाभ के 4 वर्षों के क्रय के आधार पर करें। पिछले पाँच वर्षो का लाभ इस प्रकार है:
|
राशि (रु.) |
2012 | 40,000 |
2013 | 50,000 |
2014 | 60,000 |
2015 | 50,000 |
2016 | 60,000 |
व्यवसाय में विनियोजित पूँजी 2,00,000 रुपये है। फर्म की पूँजी पर प्रत्याय की दर 15% है। वर्ष 2016-17 के दौरान फर्म में 48,000 रु. का लाभ अर्जित किया। ख्याति की गणना अधिलाभ के 3 वर्षो के क्रम के आधार पर करें।
नीचे दिया गया तुलन पत्र अरूण, बबलू और चेतन का है जो क्रमशः `6/14`, `5/14` और `3/14` के अनुपात में लाभ व हानि का विभाजन करते हैं।
दायित्व |
राशि |
परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) |
|
लेनदार |
9,000 | भूमि और भवन | 24,000 | |
देय विपत्र |
3,000 | फ़र्नीचर | 3,500 | |
पूँजी खात: |
स्टॉक |
14,000 | ||
अरूण |
19,000 | 43,000 |
देनदार |
12,600 |
बबलू |
16,000 |
रोकड़ |
900 | |
चेतन |
8,000 |
|
||
|
55,000 |
|
55,000 |
वे दीपक को लाभ में 1/8 भाग के लिए निम्न शर्तों पर साझेदारी फर्म में प्रवेश देते हैं:
- दीपक 4,200 रुपये ख्याति और 7,000 रुपये पूँजी के रूप में लाएगा।
- फ़र्नीचर में 12% की दर से कमी आएगी।
- स्टॉक में 10% की दर से कमी आएगी।
- 5% की दर से संदिग्ध ऋणों पर प्रावधान बनाया जाएगा।
- भूमि और भवन में 31,000 रुपये की वृद्धि होगी।
- समस्त समायोजनों के पश्चात पुराने साझेदारों के पूँजी खातों को (जो पुराने अनुपात में लाभों का विभाजन करेंगें) दीपक द्वारा व्यवसाय में लगाई गई पूँजी के आधार पर समायोजित किया जाएगा, अर्थात पुराने साझेदारों द्वारा वास्तविक धनराशि लेकर आना अथवा आहरण, जैसी भी स्थिति हो।
रोकड़ खाता, लाभ व हानि समायोजन खाता (पुनर्मूल्यांकन खाता) और नई फर्म का प्रारंभिक तुलन पत्र तैयार करें।