Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या किसी पिंड का संवेग शून्य होने पर पिंड में गतिज ऊर्जा होती है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
पिंड का संवेग, P = mv, जहाँ m = पिंड का द्रव्यमान तथा v = पिंड का वेग
पिंड की गतिज ऊर्जा, K = `1/2mv^2 = (m^2v^2)/(2m) = P^2/(2m)`
P = 0 होने पर K = 0, अर्थात पिंड का संवेग शून्य होने पर उसकी गतिज ऊर्जा भी शून्य होती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए एक उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया जाएगा? अपने उत्तर को तर्कसंगत बनाइए।
m द्रव्यमान का एक पिंड एक नियत वेग v से गतिशील है। पिंड पर कितना कार्य करना चाहिए कि यह विराम अवस्था में आ जाए?
1500 kg द्रव्यमान की कार को जो 60 km/h के वेग से चल रही है, रोकने के लिए किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
मुक्त रूप से गिरता एक पिंड अंततः धरती तक पहुँचने पर रुक जाता है। इसकी गतिज ऊर्जा का क्या होता है?
एक रॉकेट ऊपर की ओर v वेग से गतिमान है। यदि रॉकेट का वेग यकायक तीन गुना हो जाए तो इसकी आरंभिक एवं अंतिम गतिज ऊर्जाओं का अनुपात क्या होगा?
सरल रेखा में गतिमान किसी पिंड पर गति की दिशा में कुछ दूरी तक, एक नियत बल F लगाकर इसका वेग बढ़ाया गया है। सिद्ध कीजिए कि पिंड की गतिज ऊर्जा में वृद्धि पिंड पर बल द्वारा किए गए कार्य के बराबर होती है।
एक हलका तथा दूसरा भारी, दो पिंडों के संवेग समान हैं। इनकी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात ज्ञात कीजिए। इनमें किसकी गतिज ऊर्जा अधिक है?
कोई स्वचालित इंजन किसी 1000 kg द्रव्यमान की कार (A) को 36 km h-1 की चाल से समतल सड़क पर खींचता है। यदि यह गति 100 N घर्षण बल के तुल्य है तो इंजन की शक्ति परिकलित कीजिए। अब मान लीजिए 200 m चलने के पश्चात् यह कार समान द्रव्यमान की किसी दूसरी स्थिर कार (B) से टकराकर स्वयं विरामावस्था में आ जाती है। मान लीजिए उसी क्षण इसका इंजन भी रुक जाता है। अब कार B का इंजन चालू नहीं है और संघट्ट के पश्चात् यह उसी समतल सड़क पर चलना प्रारंभ कर देती है। संघट्ट के तुरंत पश्चात् कार B की चाल परिकलित कीजिए।
नीचे दिए गए प्रत्येक प्रकरण में गुरुत्व बल के विरुद्ध ऊपर की ओर गति करने की शक्तियों की तुलना कीजिए -
250 g की गिलहरी, 0.5ms-1 की दर से पेड़ पर चढ़ रही है।
पदार्थ का द्रव्यमान m है तथा वह v वेग से गतिशील है तो गतिज ऊर्जा का सूत्र तैयार कीजिए।