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प्रश्न
क्या सचमुच बारिश के बादल समुद्र से पानी लाते हैं? वे इतना सारा पानी कैसे लाते होंगे? आपस में बातचीत करके पता करो।
(तुम इस काम में बड़ों की या किताबों की मदद भी ले सकती हो।)
उत्तर
हाँ, सचमुच बारिश के बादल समुद्र से पानी लाते हैं। दरअसल समुद्र का पानी सूर्य की रोशनी में भाप बनकर आकाश में चला जाता है। यही भाप ठंडी होकर पानी की बूंदों के रूप में धरती पर गिरती है, जिसे बारिश कहते हैं।
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किसकी गुल्लक भारी है? किसकी गुल्लक हल्की है?
एक बार फिर से कविता पढ़ो। इस कविता में एक नाव के बनने और पानी में सफ़र करने की कहानी छिपी है। मान लो तुम ही वह नाव हो। अब अपनी कहानी सबको सुनाओ।
शुरुआत हम कर देते हैं।
मैं एक नाव हूँ। मैं कागज़ से बनी हूँ। मुझे एक लड़के ने बनाया। उसका नाम तो मुझे नहीं पता पर ________________________
_________________________________________
पानी सचमुच खूब पड़ेगा।
सचमुच का इस्तेमाल करते हुए तुम भी दो वाक्य बनाओ।
(क) ____________
(ख) ____________
घिर-घर कर बादल छाया है,
सात समुंदर भर लाया है।
पता करो, सात समुद्र कौन-कौन से होंगे जिनसे बादल पानी भरकर लाया है।
तुम कागज़ से कितनी तरह की नाव बना सकते हो? बनाकर कक्षा में दिखाओ। उनमें से किसी एक के बारे में लिखकर बताओ कि तुमने वह कैसे बनाई।
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पिछले साल रिमझिम में तुमने पढ़ा था कि बनाना काम वाला शब्द होता है। काम वाले शब्दों को क्रिया कहते हैं। इस कविता में ढेर सारी क्रियाएँ या काम वाले शब्द आए हैं। उन्हें छाँटो और नीचे लिखो।
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आना | लाना |
छाना | भरना |
लहराना | खोलना |
चलाना | छोड़ना |
तुमने जो क्रियाएँ छाँटी हैं, वर्णमाला के हिसाब से उनके आगे 1, 2, 3 आदि लिखकर उन्हें क्रम में लगाओ।