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लिखिए परिणति: चोट खाने की अंधेरा होने पर भी आस रखने की एक ही दीप से सफर आरंभ करने की - Hindi

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उत्तर

परिणति :

  • चोट खाने की - जीने की कला सीखना
  • अंधेरा होने पर भी आस रखने की - किसी रोज उजाला होना
  • एक ही दीप से सफर आरंभ करने की - हर कदम पर रोशनी होना
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प्रेरणा
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अध्याय 1: प्रेरणा - स्वाध्याय [पृष्ठ ३]

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बालभारती Hindi - Yuvakbharati 11 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 1 प्रेरणा
स्वाध्याय | Q १. (आ) | पृष्ठ ३
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