हिंदी

ममत्व का भाव प्रकट करने वाली कोई भी एक त्रिवेणी ढूँढ़कर उसका अर्थ लिखिए। - Hindi

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

ममत्व का भाव प्रकट करने वाली कोई भी एक त्रिवेणी ढूँढ़कर उसका अर्थ लिखिए।

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

त्रिवेणी -
माँ मेरी बे-वजह ही रोती है।
फोन पर जब भी बात होती है।
फोन रखने पर मैं भी रोता हूँ।

अर्थ -

प्रस्तुत त्रिवेणी में ममत्व का भाव प्रकट हुआ है। ये पंक्तियां कवि त्रिपुरारी जी द्वारा रचित "प्रेरणा " कविता से उद्धृत की गई है। इसके अंतर्गत कवि ने माता पुत्र के मध्य असीम प्रेम का वर्णन किया है। जब कभी कवि अपनी माँ को फोन करता है तब पुत्र की आवाज सुनकर माँ की ममता रो पड़ती है। कवि भले ही इसे बे-वजह रोना कहता है, परंतु सच्चाई तो यही है कि कवि भी फोन रखने के बाद रोता है क्योंकि माता और पुत्र दोनों एक-दूसरे के स्नेह के लिए तरसते हैं और उनका एक-दूसरे के प्रति स्नेह आँसुओं के रूप में आँखों से बहने लगता है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: प्रेरणा - स्वाध्याय [पृष्ठ ३]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Yuvakbharati 11 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 1 प्रेरणा
स्वाध्याय | Q २. (अ) | पृष्ठ ३

संबंधित प्रश्न

निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।


नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों के पालन की समस्या पर प्रकाश डालिए।


जानकारी दीजिए:
त्रिपुरारि जी की अन्य रचनाएँ - __________________


आशय लिखिए :

‘‘ऊँची हुई मशाल हमारी......हमारा घर है।’’


जानकारी दीजिए :

‘तार सप्तक’ केदो कवियों के नाम -


सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए:

(१) काहै को दुख देखिए
(२) बिरला


‘‘जिनकी रख्या तूँ करैं ते उबरे करतार’’, इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।


‘संत दादू के मतानुसार ईश्वर सबमें है’, इस आशय को व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका भावार्थ स्पष्ट कीजिए।


‘प्रेम और स्नेह मनुष्य जीवन का आधार है’, इस संदर्भ में अपना मत लिखिए।


जानकारी दीजिए :

निर्गुण शाखा केसंत कवि 


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

वह निर्भीक व्यक्ती देश में सुधार करता घूमता था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

यहाँतक पहुँचते-पहुँचतेमार्च पर भारा अप्रैल लग जायेगी।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

तूम नेदीपक जेब मेंक्यों रख लिया?


‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपनेशब्दों में लिखिए।


बाल हठ और वात्सल्य के आधार पर सूर के पदों का रसास्वादन कीजिए।


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास की रचनाओं के प्रमुख विषय - ________________________


सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
घटनाक्रम के अनुसार लिखिए -

  1. मीठे पानी का सोता है।
  2. ममता के बादल कीं मँड़राती कोमलता-भीतर पिराती है।
  3. सभी वह तुम्हारे ही कारण के कार्यों का घेरा है, कार्यों का वैभव है।
  4. जितना भी उँड़ेलता हूँ, भर-भर फिर आता है।

निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
अब यह आत्मा बलवान और सक्षम हो गई है और छटपटाती छाती को वर्तमान में सताती है।


जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है, जितना भी उँडेलताहूँ, भर-भर फिर आता है,' इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।


नई कविता का भाव तथा भाषाई विशेषताओं के आधार पर रसास्वादन कीजिए।


अलंकार पहचानकर लिखिए :
कूलन में केलिन में, कछारन में, कुंजों में
क्यारियों में, कलि-कलीन में बगरो बसंत है।


उत्तर लिखिए:

‘मारीच’ से बना शब्द ____________


‘‘यह तो तब था, घास ही पत्थर
पत्थर में प्राण हमनेडाले।।’’
उपर्युक्त पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।


जानकारी दीजिए :

अन्य प्रवासी साहित्यकारों के नाम -


'कागज की पोशाक शब्द की प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×