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प्रश्न
मान लीजिए कि Z पूर्णांकों का समुच्चय है तथा R, Z में परिभाषित एक संबंध इस प्रकार है aRb, कि यदि a – b भाज्य है 3 से, तो R समुच्चय Z को ______ युगलत: असंयुक्त उप-समुच्चयों में विभाजन करता है।
उत्तर
मान लीजिए कि Z पूर्णांकों का समुच्चय है तथा R, Z में परिभाषित एक संबंध इस प्रकार है aRb, कि यदि a – b भाज्य है 3 से, तो R समुच्चय Z को तीन युगलत: असंयुक्त उप-समुच्चयों में विभाजन करता है।
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समुच्चय A = {1, 2, 3}, के लिए एक संबंध निचे लिखे अनुसार परिभाषित कीजिए:
R = {(1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 3)}
उन क्रमित युग्मों को लिखिए जिनको R में जोड़ने से वह न्यूनतम (छोटे से छोटा) तुल्यता संबंध बन जाए।
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समुच्चय A = {1, 2, 3} पर विचार कीजिए तथा R, A में छोटे से छोटा तुल्यता संबंध है, तो R = ______
मान लीजिए कि A एक परिमित समुच्चय है, तो A से स्वयं A में प्रत्येक एकैक फलन आच्छादी नहीं है।
समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f एकैक है तो f तथा g दोनों ही एकैक फलन हैं।
समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं।
मान लीजिए कि A = {a, b, c} तथा A में परिभाषित संबंध R निम्नलिखित है:
R = {(a, a), (b, c), (a, b)}. तो उन क्रमित युग्मों की, कम से कम, संख्या लिखिए, जिनको R में जोड़ने से R स्वतुल्य तथा संक्रामक बन जाता है।
मान लीजिए कि f , g : R → R क्रमश: f (x) = 2x + 1 तथा g (x) = x2 – 2, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए।
मान लीजिए फलन f: R → R, f(x) = cosx, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।
मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।
g = {(1, 4), (2, 4), (3, 4)}
यदि फलन f: A → B तथा g: B → A, g o f = IA को संतुष्ट करता हैं, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैक है तथा g आच्छादक है।
यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:
सममित हों परन्तु न तो स्वतुल्य हों और न संक्रामक हों।
मान लीजिए कि R, प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित एक संबंध है।
R = {(x, y): x ∈ N, y ∈ N, 2x + y = 41}। संबंध R का प्रांत तथा परिसर ज्ञात कीजिए। साथ ही सत्यापित (जाँच) कीजिए कि क्या R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।
दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :
A से B में एक एकैक प्रतिचित्रण।
दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :
B से A में एक प्रतिचित्रण।
फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो g o g ज्ञात कीजिए:
मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?
a * b = a + ab ∀ a, b ∈ Q
मान लीजिए कि T, यूक्लिडिय समतल में, सभी त्रिभुजों का समुच्चय है तथा मान लीजिए कि T में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित है कि aRb, यदि a सर्वांगसम है b के, ∀ a, b ∈ T, तो R ______
मान लीजिए कि हम R में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित करें aRb यदि a ≥ b, तो R _________ है।
मान लीजिए कि A = {1, 2, 3} संबंध R = {1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 3), (1,3)}, पर विचार कीजिए, तो R _________ है।
Q ~ {0} में a * b = ` (ab)/2` ∀ a, b ∈ Q ~ {0} प्रकार से परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * का (के लिए) तत्सम अवयव ______ है।
मान लीजिए f: R → R, f(x) = `1/x` x ∈ R द्वारा परिभाषित है, तो f ______ है।
मान लीजिए f: R → R f(x) = x3 + 5 द्वारा परिभाषित एक फलन है, तो f–1(x) ______ है।
मान लीजिए कि f: R → R f(x) = tan x द्वारा दत्त है, तो f-1(1) _______ है।
समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।