हिंदी

मंच पर अभिनीत किए जाने वाले नाटकों से रेडियो नाट्य लेखन में क्या अंतर है और क्यों? - Hindi (Core)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मंच पर अभिनीत किए जाने वाले नाटकों से रेडियो नाट्य लेखन में क्या अंतर है और क्यों?

अंतर स्पष्ट करें

उत्तर

  • रंगमंचीय नाटक दृश्य और श्रव्य माध्यम का संयोजन होता है। इसमें किसी भी स्थान या प्रकार का दृश्य प्रस्तुत करना संभव नहीं होता, इसलिए इसे लिखते समय सीमितताओं का ध्यान रखना आवश्यक होता है। इसके विपरीत, रेडियो नाटक पूरी तरह श्रव्य माध्यम है और रंगमंच की सीमाओं से मुक्त होता है। यही कारण है कि रेडियो नाटक का लेखन सिनेमा और रंगमंच से अलग और अधिक चुनौतीपूर्ण होता है।
  • रेडियो नाटक में संवादों और ध्वनि प्रभावों के माध्यम से विचारों को संप्रेषित किया जाता है। इसमें मंच सज्जा, वस्त्र सज्जा, या अभिनेता के चेहरे के भाव-भंगिमाओं का उपयोग नहीं किया जाता। केवल आवाज़ के जरिए ही नाटक प्रस्तुत किया जाता है। साथ ही, रेडियो नाटक में मनुष्य की एकाग्रता सीमित होती है, जो इसे और भी विशिष्ट बनाता है।
shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2021-2022 (April) Term 2 - Delhi Set 1
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×