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मुसकान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

मुसकान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए।

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उत्तर

मुसकान तथा क्रोध मानव स्वभाव के दो अलग-अलग रुप हैं, जो एक दूसरे से भिन्न हैं। इनसे वातावरण भी प्रभावित होता है -

  1. मुसकान - निश्छल तथा प्रेम पूर्ण मुसकान किसी के भी हृदय को मुग्ध कर सकता है, यह किसी का भी क्रोध कम करने में सक्षम है तथा यह मन की प्रसन्नता का प्रतीक है।
  2. क्रोध - क्रोध व्यक्ति के मन में चल रहे असंतोष की भावना है। क्रोध में व्यक्ति के सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है।
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यह दंतुरित मुसकान
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अध्याय 6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल - यह दंतुरित मुसकान [पृष्ठ ४१]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
अध्याय 6 नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
यह दंतुरित मुसकान | Q 5 | पृष्ठ ४१

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