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प्रश्न
नाइट्रोजन द्विपरमाणुक अणु के रूप में पाया जाता है तथा फ़ॉस्फ़ोरस P4 के रूप में, क्यों?
उत्तर
छोटे परमाणु आकार तथा अधिक विद्युत ऋणात्मकता के कारण नाइट्रोजन में स्वयं से pπ – pπ बहुल बधों को बनाने की प्रबल प्रवृत्ति होती है। इस प्रकार, यह N ≡ N बंध का निर्माण कर एक द्वि-परमाणविक अणु (N2) के रूप में पाया जाता है। इसके विपरीत, बड़े परमाणु आकार तथा कम विद्युत ऋणात्मकता के कारण फॉस्फोरस में स्वयं से pπ – pπ बहुल बधों को बनाने की प्रवृत्ति नहीं होती है। अत: यह P – P एकल बधों को बनाकर एक समचतुष्फलकीय P4 अणु का निर्माण करता है।
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