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निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए : रचनाकार का नाम रचना का प्रकार पसंदीदा पंक्ति पसंदीदा होने का कारण रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :

  1. रचनाकार का नाम
  2. रचना का प्रकार
  3. पसंदीदा पंक्ति
  4. पसंदीदा होने का कारण
  5. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा
संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  1. रचनाकार का नाम -  बालकवी बैरागी।
  2. रचना का प्रकार -  गीत।
  3. पसंदीदा पंक्ति -  'चाहे सभी सुमन बिक जाएँ, चाहे ये उपवन बिक जाएँ चाहे सौ फागुन बिक जाएँ पर मैं गंध नहीं बेचूँगा।
  4. पसंदीदा होने का कारण - इन पक्तियों में फूल हर हालत में जीवन में अपने स्वाभिमान को सर्वोपरि मानता है। इसके लिए उसे कोई भी त्याग करना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार है, पर वह अपने स्वाभिमान को हर हालत में बनाए रखना चाहता है।
  5. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा - प्रस्तुत रचना से यह संदेश मिलता है कि स्वाभिमान मनुष्य की सबसे बड़ी थाती है। हमें हर हालत में इसकी रक्षा करनी चाहिए। यदि स्वाभिमान की रक्षा के लिए हमें अपना सर्वस्व निछावर कर देना पड़े, तो भी हँसते-हँसते अपना सब कुछ त्याग देना चाहिए। प्रस्तुत पंक्तियों से हमें यही प्रेरणा मिलती है।
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अपनी गंध नहीं बेचूँगा
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अध्याय 2.08: अपनी गंध नहीं बेचूँगा - स्‍वाध्याय [पृष्ठ ८१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Lokbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 2.08 अपनी गंध नहीं बेचूँगा
स्‍वाध्याय | Q (७) | पृष्ठ ८१

संबंधित प्रश्न

कृति पूर्ण कीजिए :

फूल बेचना नहीं चाहता

१. ______

२. ______

३. ______

४. ______


लिखिए :

फूल को बिक जाने से भी बेहतर लगता है


लिखिए :

फूल के अनुसार उसे तोड़ने का पहला अधिकार इन्हें है


कृति पूर्ण कीजिए :


सूची बनाइए :

इनका फूल से संबंध है -

  1. ______
  2. ______
  3. ______
  4. ______ 

कारण लिखिए :

फूल अपनी सौगंध नहीं बेचेगा


कारण लिखिए :

फूल को मौसम से कुछ लेना नहीं है


‘दाता होगा तो दे देगा, खाता होगा तो खाएगा’ इस पंक्‍ति से स्‍पष्‍ट होने वाला अर्थ लिखिए।


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

जिस डाली ने गोद खिलाया जिस कोंपल ने दी अरुणाई

लछमन जैसी चौकी देकर जिन काँटों ने जान बचाई

इनको पहिला हक आता है चाहे मुझको नोचें-तोड़ें

चाहे जिस मालिन से मेरी पँखुरियों के रिश्ते जोड़ें

ओ मुझपर मँड़राने वालो मेरा मोल लगाने वालो

जो मेरा संस्‍कार बन गई वो सौगंध नहीं बेचूँगा।

अपनी गंध नहीं बेचूँगा।।

(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)

(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए- (1)

  1. गंध - ______
  2. हक - ______

(ii) वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए- (1)

मेरा मोल लगाने वालो।

(3) प्रस्तुत पद्यांश की किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ लिखिए- (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

मुझको मेरा अंत पता है पँखुरी-पँखुरी झर जाऊँगा

लेकिन पहिले पवन परी संग एक-एक के घर जाऊँगा

भूल-चूक की माफी लेगी सबसे मेरी गंध कुमारी

उस दिन ये मंडी समझेगी किसको कहते हैं खुद्दारी

बिकने से बेहतर मर जाऊँ अपनी माटी में झर जाऊँ

मन ने तन पर लगा दिया जो वो प्रतिबंध नहीं बेचूँगा।

(1) सूचनानुसार लिखिए- (2)

  1. ऐसी पंक्ति जिसमें आत्मसम्मान की बात है - ______
  2. ऐसी पंक्ति जिसमें माफी माँगने का संदर्भ है - ______

(2) जीवन की सार्थकता पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)


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