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प्रश्न
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर कहानी लिखिए और उसे उचित शीर्षक दीजिए :
पथिक, घोड़ा, बादल, पत्र
उत्तर
प्रताप सिंह नाम का एक राजा था। उसका राज्य बहुत छोटा था, किंतु संपन्न था। प्रजा सुखी से अपना जीवन जी रहे थे। राज्य के कर्मचारी राजा के कहने पर अपना सर्वस्व निछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। राजा भी अपने प्रजा से बहुत खुश था। वह अपनी प्रजा की भलाई के लिए हर समय तत्पर रहता था।
प्रताप के राज्य की संपन्नता देखकर पड़ोसी राज्य के राजा के मुँह से लार टपकने लगी। वह प्रताप के राज्य पर चढ़ाई की तैयारी करने लगा। प्रताप के जासूसों ने यह खबर देते ही प्रताप चिंतित हो गया। शत्रु राजा की सैन्य बहुत ताकदवर थी। हमारा राज्य उससे अकेले मुकाबला नहीं कर सकता था।
राजा ने अपने दूसरे पड़ोसी राज्य के राजा से मदद माँगने का निर्णय लिया। प्रताप ने तुरंत अपने एक विश्वस्त गुप्तचर को एक पत्र लेकर पड़ोसी राजा के पास भेजने का निश्चय किया। पत्र तैयार किया गया। एक चमड़े के थैले में राजा का पत्र लेकर गुप्तचर पड़ोसी राज्य के लिए घोड़े पर सवार होकर चल पड़ा। गुप्तचर अभी रास्ते में ही था कि अचानक आसमान में काले बादल छा गए। बहुत जोरों से वर्षा होने लगी। पर गुप्तचर एक बार भी रास्ते में नहीं रुका। जैसे-तैसे घोड़े पर सवारी करते गुप्तचर समय पर राजा के पास पहुँचा। राजा को प्रताप का पत्र दिया। पड़ोसी राजा तुरंत अपने पुरे सैन्य के साथ प्रताप की मदद करने निकल पड़े। प्रताप का राज्य बच गया। पड़ोसी राजा पुरे सैन्य के साथ वापस अपने राज्य लौट गया।
सीख : हमें संकट में एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए।
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