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प्रश्न
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :
१. रचनाकार का नाम
२. रचना की विधा
३. पसंदीदा पंक्ति
४. पसंद होने का कारण
५. रचना से प्राप्त प्रेरणा
उत्तर
१. रचनाकार का नाम - श्री. सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
२. रचना की विधा - नई कविता
३. पसंदीदा पंक्ति -
दिवसावसान का समय
मेघमय आसमान से उतर रही है
वह संध्या सुंदरी, परी-सी,
धीरे-धीरे-धीरे,
४. पसंद होने का कारण - ये पंक्तियाँ मुझे इसलिए बहुत पसंद हैं, क्योंकि इन्हें पढ़ते समय मेरे मानस-पटल पर एक चित्र उभरता है | इन पंक्तियों के माध्यम से कवि ने संध्या के उतरने का एक शब्दचित्र खींचा है, जो पाठक की आँखों के सामने उभरने लगता है |
५. रचना से प्राप्त प्रेरणा - इस रचना से हमें यही प्रेरणा मिलती है कि व्यक्ति को प्रकृति को निकट से देखने, जानने और समझने का प्रयत्न करना चाहिए | प्रस्तुत कविता में कवि ने विभिन्न प्रतीकों, अलंकारों तथा बिंबों का भरपूर प्रयोग किया है |
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संबंधित प्रश्न
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए :
उचित क्रमांक लिखकर जोड़ियाँ मिलाइए :
अ | उत्तर | आ |
नूपुर | अगणित | |
अधर | कमनीय | |
मीठे सपने | नीरवता | |
कंठ | मधुर-मधुर | |
सखी | मेघमय | |
आसमान | कोमलता | |
कली | रुन-झुन, रुन-झुन |
कृति पूर्ण कीजिए :
कविता (संध्या सुंदरी) की अंतिम छह पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
सुलाती उन्हें अंक पर अपने,
दिखलाती फिर विस्मृति के वह अगणित मीठे सपने।
अद्र्धरात्रि की निश्चलता में हो जाती जब लीन,
कवि का बढ़ जाता अनुराग,
विरहाकुल कमनीय कंठ से,
आप निकल पड़ता तब एक विहाग !
कविता (संध्या सुंदरी) में प्रयुक्त संगीत से संबंधित शब्दों की सूची बनाइए।
उत्तर लिखिए :
मीठे सपने दिखाने वाली - ______
उत्तर लिखिए :
अभिषेक करने वाला - ______