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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है? - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है?

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उत्तर

शुद्ध सोने में किसी प्रकार की मिलावट नहीं की जा सकती। ताँबा मिलाने से सोना मजबूत हो जाता है परन्तु शुद्धता समाप्त हो जाती है। इसी प्रकार व्यवहारिकता में शुद्ध आदर्श समाप्त हो जाते हैं। सही भाग में व्यवहारिकता को मिलाया जाता है तो ठीक रहता है।

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पतझर में टूटी पत्तियाँ
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अध्याय 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - लिखित (क) [पृष्ठ १२२]

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एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
अध्याय 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
लिखित (क) | Q 1 | पृष्ठ १२२

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