Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की
उत्तर
हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की
मैं गीत की कड़ी क्यों न हो सकी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
नदी का किनारों से कुछ कहते हुए बह जाने पर गुलाब क्या सोच रहा है? इससे संबंधित पंक्तियों को लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'गीत-अगीत' के केंद्रीय भाव को लिखिए।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
हुई न क्यों में कडी गीत की
विधना यों मन में गुनती है
जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने अपनी बच्ची को किस रूप में पाया?
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
अविश्रांत बरसा करके भी
आँखे तनिक नहीं रीतीं
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
हाय! वही चुपचाप पड़ी थी
अटल शांति-सी धारण कर
‘एक फूल की चाह’ एक कथात्मक कविता है। इसकी कहानी को संक्षेप में लिखिए।
‘एक फूल की चाह’ कविता में देवी के भक्तों की दोहरी मानसिकता उजागर होती हैं। स्पष्ट कीजिए।
आदमी की प्रवृतियों का उल्लेख कीजिए।
नीचे लिखे शब्दों का उच्चारण कीजिए और समझिए कि किस प्रकार नुक्ते के कारण उनमें अर्थ परिवर्तन आ गया है।
राज़ (रहस्य) |
फ़न (कौशल) |
राज (शासन) |
फन (साँप का मुहँ) |
ज़रा (थोड़ा) |
फ़लक (आकाश) |
जरा (बुढ़ापा) |
फलक (लकड़ी का तख्ता) |
ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।
मसज़िद का उल्लेख करके नज्मकार ने किस पर व्यंग्य किया है? इसका उद्देश्य क्या है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
'नट' किस कला में सिद्ध होने के कारण ऊपर चढ़ जाता है?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं।
नट किस कला में पारंगत होता है? रहीम ने उसका उदाहरण किसलिए दिया है?
पठित दोहे के आधार पर बताइए कि आप तालाब के जल को श्रेष्ठ मानते हैं या सागर के जल को और क्यों?
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी जोति बरै दिन राती
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै
रैदास के इन पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
रैदास द्वारा रचित दूसरे पद ‘ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै’ को प्रतिपाद्य लिखिए।