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प्रश्न
निम्नलिखित आकृति का निरीक्षण करके पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखो:
(अ) उपर्युक्त आकृति में दिखाए हुए यंत्र को पहचानो।
(ब) इस यंत्र का कार्य किस सिद्धांत पर आधारित है?
(क) इस यंत्र का कार्य स्पष्ट करो।
(ड) इस यंत्र का उपयोग लिखो।
संक्षेप में उत्तर
उत्तर
(अ) आकृति में दिखाया गया यंत्र विद्युत जनित्र है।
(ब) इस यंत्र का कार्य विद्युतचुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर आधारित है।
(क) कार्य:
- फ्लेमिंग के दाहिने हाथ के नियमानुसार भुजा AB तथा भुजा CD में विद्युतधारा निर्मित होती है। इस विद्युतधारा की दिशा `"A" → "B" → "C" → "D"` इस प्रकार होती है।
- बाह्य परिपथ में विद्युतधारा `"B"_2 → "G" → "B"_1` इस प्रकार प्रवाहित होती है।
- अर्थघूर्णन के बाद भुजा CD यह भुजा AB के स्थान पर आ जाती है तथा भुजा AB, भुजा CD का स्थान ले लेती है। इस समय प्रेरित विद्युतधारा `"D" → "C" → "B" → "A"` इस प्रकार बहती है।
- बाह्य परिपथ में विद्युतधारा `"B"_1 → "G" → "B"_2` इस प्रकार प्रवाहित होती है। यह क्रिया नियमित रूप से निरंतर तथा बार-बार होती है। इस प्रकार यह प्रेरित विद्युतधारा प्रत्यावर्ती स्वरूपवाली होने के कारण इसे ‘प्रत्यावर्ती विद्युतधारा’ (AC) कहते हैं।
(ड) इस यंत्र का उपयोग विद्युतधारा की निर्मिति के लिए किया जाता है।
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विद्युत जनित्र (Electric Generator)
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