हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

रचना और कार्य बताइए, उचित आकृति बनाकर भागों को नामांकित कीजिए। विद्युतजनित्र (प्रत्यावर्ती) - Science and Technology 1 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी १]

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प्रश्न

रचना और कार्य बताइए, उचित आकृति बनाकर भागों को नामांकित कीजिए।

विद्युतजनित्र (प्रत्यावर्ती)

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

विद्युतधारा जनित्र प्रत्यावर्ती :

रचना : आकृति में प्रत्यावर्ती विद्युतधारा जनित्र (AC generator) की रचना दर्शाई गई है। 

 

विद्युत जनित्र : सिद्धांत तथा कार्य

इसमें धूरी के परितः घूमने वाली तार की कुंडली ABCD को प्रबल चुंबक को दो (N तथा S) ध्रुवों के बीच रखा जाता है। कुंडली को दो सिरे दो वलयों R1 तथा R2 से कार्बन ब्रश के माध्यम से संयोजित होते हैं। दोनों वलय भीतर से धुरी से जुड़े होते हैं, परंतु वलयों और धुरी के बीच विद्युत अवरोधक आवरण होता है। कार्बन ब्रशों B1 तथा B2 के सिरे गैल्वनोमीटर से संयोजित होते हैं। गैल्वनोमीटर (G) परिपथ में प्रवाहित होने वाली विद्युतधारा की दिशा दर्शाती है।

कार्य : किसी बाह्य यंत्र की सहायता से धुरी को घुमाया जाता है। जब प्रबल चुंबक के दोनों ध्रुवों के मध्य चुंबकीय क्षेत्र में कुंडली ABCD को घुमाया जाता है, तब यह चुंबकीय बल रेखाओं को प्रतिच्छेदित करता है। इसके कारण परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र द्वारा कुंडली में प्रेरित विद्युतधारा उत्पन्न होती है। इस प्रेरित विद्युतधारा की दिशा, फ्लेमिंग के दाहिने हाथ के नियम के आधार पर निर्धारित की जाती है। AD की ओर से देखने पर कुंडली घड़ी की सूइयों की गति की दिशा (दक्षिणावर्त) में घूमती है। अर्धूर्णन के पश्चात् भुजा AB ऊपर जाती है तथा भुजा CD नीचे जाती है। इस समय विद्युतधारा की दिशा A → B →C → D इस प्रकार होती है तथा बाह्य परिपथ में विद्युतधारा B2 → G → Bइस प्रकार प्रवाहित होती है। अर्धघूर्णन के बाद भुजा CD यह भुजा AB के स्थान पर आ जाती हैं तथा भुजा AB, भुजा CD का स्थान ले लेती है। इस समय विद्युतधारा D → C B → A इस प्रकार बहती है। परंतु भुजा CD ब्रश Bके संपर्क में तथा भुजा AB ब्रश B1 के संपर्क में होने के कारण बाह्य परिपथ में विद्युतधारा B1 → G → B2 इस प्रकार प्रवाहित होती है |  

यह क्रिया नियमित रूप से निरंतर तथा बार-बार होती है। इस प्रकार यह प्रेरित विद्युतधारा प्रत्यावर्ती स्वरूपवाली होने के कारण इसे 'प्रत्यावर्ती विद्युतधारा' (AC) कहते हैं।

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विद्युत जनित्र (Electric Generator)
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अध्याय 4: विद्‌युत धारा का परिणाम - स्वाध्याय [पृष्ठ ६०]

APPEARS IN

बालभारती Science and Technology 1 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 4 विद्‌युत धारा का परिणाम
स्वाध्याय | Q 2. ब. | पृष्ठ ६०
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