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प्रश्न
निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 150 से 200 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए:
बदलते सामाजिक रीति-रिवाज
उत्तर
बदलते सामाजिक रीति-रिवाज
समय के साथ समाज में बदलाव आना स्वाभाविक है। सामाजिक रीति-रिवाज, जो किसी समाज की पहचान होते हैं, समय के साथ धीरे-धीरे बदलते रहे हैं। पहले के समय में परंपराएँ और रीति-रिवाज बहुत कठोर हुआ करते थे और लोग इन्हें निभाने के लिए बाध्य होते थे। लेकिन आज के आधुनिक युग में शिक्षा, जागरूकता और तकनीकी विकास के कारण इन परंपराओं में बदलाव आया है।
विवाह, जन्म, त्योहारों और अन्य सामाजिक अवसरों के रीति-रिवाज पहले की तुलना में अब अधिक सरल और व्यावहारिक हो गए हैं। जहाँ पहले शादी-विवाह में महीनों तक होने वाले बड़े आयोजन होते थे, वहीं अब सादगी और सीमित संसाधनों में कार्यक्रम संपन्न किए जाते हैं। जाति और धर्म की पुरानी रूढ़िवादी परंपराएँ, जो कभी समाज को बांटने का काम करती थीं, अब धीरे-धीरे कमजोर हो रही हैं।
आज का युवा वर्ग तर्कसंगत सोच अपनाते हुए पुराने रीति-रिवाजों को बदलने और नई परंपराओं को गढ़ने की ओर अग्रसर है। इस बदलाव का मुख्य कारण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण है।
निष्कर्ष में कहा जा सकता है कि बदलते सामाजिक रीति-रिवाज हमें आधुनिकता की ओर ले जा रहे हैं, लेकिन इसके साथ हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारी परंपराओं का मूल सार नष्ट न हो। नई सोच के साथ संतुलन बनाए रखना ही सच्ची प्रगति है।