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प्रश्न
निम्नलिखित दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए:
मैंने जब गाड़ी (कार) चलाना सीखा
उत्तर
मैंने जब गाड़ी (कार) चलाना सीखा
जब मैंने कार चलाना सीखा, तो यह मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण था। गाड़ी चलाना सीखना एक रोमांचक और संवेदनशील प्रक्रिया थी, जिसने मुझे स्वतंत्रता और स्वाधीनता की अनुभूति कराई।
बचपन से ही मुझे कार चलाने का बहुत शौक था। मैं अक्सर अपनी माँ से कहता था कि मुझे भी गाड़ी चलानी है। माँ हमेशा कहतीं कि पहले पढ़ाई पूरी करके बड़े हो जाओ, और जब तुम 18 साल के हो जाओगे, तब सीखना। जैसे ही मैंने 18 साल पूरे किए, मैंने अपने पिताजी से अपनी इच्छा जाहिर की कि मुझे गाड़ी चलाना सीखना है। पिताजी ने मुझे इस शर्त पर अनुमति दी कि मैं गाड़ी बहुत सावधानी से चलाऊँगा और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करूँगा।
शुरुआत में, मुझे गाड़ी चलाने के निर्देशों का अध्ययन कराया गया और सबसे पहले मुझे स्टीयरिंग को ठीक से पकड़ने, क्लच और गियर का तालमेल बिठाने, और ब्रेक का सही उपयोग करने का अभ्यास करना पड़ा। मेरी पहली ड्राइविंग क्लास एक खाली मैदान में हुई, जहाँ मुझे स्टीयरिंग का अभ्यास कराया गया। धीरे-धीरे, मैंने गाड़ी को चलाना और मोड़ना सीखा। गाड़ी को स्टार्ट करना, गियर बदलना, और क्लच को सही तरीके से दबाना एक कठिन प्रक्रिया थी, लेकिन थोड़ी मेहनत और धैर्य से मैंने इसे सीख लिया। धीरे-धीरे, मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया और मैं अधिक उत्साह के साथ गाड़ी चलाने लगा। इस दौरान मैंने सड़क सुरक्षा के महत्त्व को गहराई से समझा। मैंने हमेशा गाड़ी चलाते समय सीधा बैठने, संचार संकेतों का पालन करने, और अन्य गाड़ियों से उचित दूरी बनाए रखने का ध्यान रखा।
गाड़ी चलाने का मेरा सबसे बड़ा अनुभव स्वतंत्रता की भावना से जुड़ा था। गाड़ी चलाना सीखने के बाद, मैंने अपने भीतर एक नया आत्मविश्वास महसूस किया। जब मैं अच्छे से गाड़ी चलाना सीख गया, तो सबसे पहले मैंने अपनी माँ को गाड़ी में घुमाया और उन्हें मंदिर ले गया। गाड़ी चलाना सीखना मेरे लिए एक रोमांचक और आनंददायक अनुभव रहा। यह आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना भी पैदा करता है।