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निम्नलिखित दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए: समावेशी शिक्षा - Hindi (Core)

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प्रश्न

निम्नलिखित दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए:

समावेशी शिक्षा

लेखन कौशल

उत्तर

समावेशी शिक्षा
समावेशी शिक्षा का अर्थ है उचित ज्ञान, सदाचार, उचित आचरण, तकनीकी दक्षता, और विद्या प्राप्त करने की प्रक्रिया। यह प्रक्रिया व्यक्ति को सामाजिक, मानवीय, नैतिक, और आर्थिक दृष्टिकोण से समृद्ध बनाते हुए ज्ञान और संवेदनशीलता का विकास करती है। समावेशी शिक्षा एक ऐसा शैक्षिक दृष्टिकोण है, जिसमें सभी बच्चों को, चाहे उनकी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, या आर्थिक स्थिति कोई भी हो, एक समान शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार दिया जाता है। इसका उद्देश्य भेदभाव को समाप्त कर एक ऐसा वातावरण बनाना है, जहाँ हर विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुसार सीख सके और बढ़ सके। शिक्षा में विचारों, आदर्शों, और मूल्यों का निर्माण किया जाता है। जब शारीरिक और मानसिक रूप से बाधित बच्चों को सामान्य बच्चों के समान शैक्षिक अवसर मिलते हैं, तो इसे समावेशी शिक्षा कहते हैं।

समावेशी शिक्षा का सिद्धांत यह कहता है कि एक सामान्य छात्र और विकलांग व्यक्ति, दोनों को विशेष शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समान अवसर मिलने चाहिए। इसमें शारीरिक या मानसिक रूप से विकलांग बच्चों को विशेष सुविधाएँ देकर शिक्षा प्रदान की जाती है, ताकि उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके। इस प्रक्रिया में सभी प्रकार के बच्चों को शामिल किया जाता है, और असमर्थ बालकों को भी समान सुविधाएँ दी जाती हैं। पहले समावेशी शिक्षा विशेष बच्चों के लिए ही मानी जाती थी, परंतु आज के समय में हर शिक्षक को इसे अपनी कक्षा में अपनाना चाहिए।

समावेशी शिक्षा का उद्देश्य विशेष और असमर्थ बच्चों को सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ना, शिक्षण में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देना, सभी बच्चों को शिक्षित कर मुख्यधारा से जोड़ना, उनकी समस्याओं का समाधान करना, जागरूकता पैदा करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनमें आत्मविश्वास जगाना है। समावेशी शिक्षा समाज में समानता, सम्मान, और सहयोग की भावना विकसित करती है।

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2023-2024 (February) 2/1/2
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