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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-
डॉ. आंबेडकर 'समता' को कल्पना की वस्तु क्यों मानते हैं?
टिप्पणी लिखिए
उत्तर
- डॉ. आंबेडकर का मानना है कि हर व्यक्ति समान नहीं होता।
- जन्म सामाजिक स्तर, प्रयत्नों के कारण भिन्नता व असमानता होती है।
- मनुष्य जन्म से ही सामाजिक स्तर के अनुरूप तथा अपने प्रयासों के कारण भिन्न और समान होता है।
- अतः पूर्ण रूप से समता एक काल्पनिक स्थिति है।
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मेरी कल्पना का आदर्श समाज
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
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