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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-
कहानी 'पहलवान की ढोलक' व्यवस्था के बदलने के साथ लोक कला और इसके कलाकार के अप्रासंगिक हो जाने की कहानी है। पंक्ति को विस्तार दीजिए।
उत्तर
- पहलवान की ढोलक कहानी केवल सत्ता परिवर्तन/व्यवस्था परिवर्तन की कहानी नहीं बल्कि परंपरागत व्यवस्था पर नई व्यवस्था, भारत पर 'इंडिया' के आरोपित हो जाने की कहानी है।
- इस परिवर्तन के तहत लुट्टन पहलवान जैसे लोगों को लोक कलाकारों के पद से हटाकर निरीह जीवन व्यतीत करने को मजबूर किया जा रहा है।
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‘ढोल में तो जैसे पहलवान की जान बसी थी।’ ‘पहलवान की ढोलक पाठ के आधार पर तर्क सहित पंक्ति को सिद्ध कीजिए।