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पाठ में अनेक स्थलों पर प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। पाठ में से ऐसे अंश चुनिए और उनका आशय स्पष्ट कीजिए। - Hindi (Core)

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प्रश्न

पाठ में अनेक स्थलों पर प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। पाठ में से ऐसे अंश चुनिए और उनका आशय स्पष्ट कीजिए।
संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  • मानवीकरण के कुछ अंश इस प्रकार हैं-
  1. मलेरिया और हैज़े से पीड़ित गाँव भयार्त्त शिशु की तरह थर-थर काँप रहा था।
    गाँव भर में मलेरिया तथा हैज़ा फैला पड़ा था। लोग मर रहे थे।
  2. अँधेरी रात चुपचाप आँसू बहा रही थी।
    ऐसा लगता था मानो रात रो रही हो।
  3. आकाश से टूटकर यदि कोई भावुक तारा तारे को मनुष्य के समान भावुक दिखाया है।
    तारे का टूटकर गिरने का वर्णन है।
  4. अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिलाकर हँस पड़ते थे।
    यहाँ तारों को मज़ाक उड़ाते दिखा गया है।
  5. रात्रि अपनी भीषणताओं के साथ चलती रहती
    रात्रि को मनुष्य के समान चलता हुआ दिखा गया है।
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पहलवान की ढोलक
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अध्याय 14: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) - अभ्यास [पृष्ठ ११६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 12
अध्याय 14 फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)
अभ्यास | Q 9. | पृष्ठ ११६

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  1. फिर बाज़ की तरह उस पर टूट पड़ा।
  2. राजा साहब की स्नेह-दृष्टि ने उसकी प्रसिद्धि में चार चाँद लगा दिए।
  3. पहलवान की स्त्री भी दो पहलवानों को पैदा करके स्वर्ग सिधार गई थी।
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