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Chapters
1: हरिवंश राय बच्चन (आत्मपरिचय, एक गीत)
2: आलोक धन्वा (पतंग)
3: कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर)
4: रघुवीर सहाय (कैमरे में बंद अपाहिज)
5: गजानन माधव मुक्तिबोध (सहर्ष स्वीकारा है)
6: शमशेर बहादुर सिंह (उषा)
7: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (बादल राग)
8: तुलसीदास (कवितावली, लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप)
9: फ़िराक गोरखपुरी (रुबाइयाँ, गज़ल)
10: उमाशंकर जोशी (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख)
गद्य खंड
11: महादेवी वर्मा (भक्तिन)
12: जैनेन्द्र कुमार (बाज़ार दर्शन)
13: धर्मवीर भारती (काले मेघा पानी दे)
▶ 14: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)
15: विष्णु खरे (चार्ली चैप्लिन यानी हम सब)
16: रज़िया सज्जाद ज़हीर (नमक)
17: हजारी प्रसाद द्विदेदी (शिरीष के फूल)
18: बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर (श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज)

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Solutions for Chapter 14: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)
Below listed, you can find solutions for Chapter 14 of CBSE NCERT for Hindi - Aaroh Class 12.
NCERT solutions for Hindi - Aaroh Class 12 14 फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) अभ्यास [Pages 116 - 117]
पाठ के साथ
कहानी के किस-किस मोड़ पर लुट्टन के जीवन में क्या-क्या परिवर्तन आए?
गाँव में महामारी फैलने और अपने बेटों के देहांत के बावजूद लुट्टन पहलवान का ढोल क्यों बजाता रहा?
ढोलक की आवाज़ का पूरे गाँव पर क्या असर होता था?
महामारी फैलने के बाद गाँव में सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य में क्या अंतर होता था?
कुश्ती या दंगल पहले लोगों और राजाओं का प्रिय शौक हुआ करता था। पहलवानों को राजा लोगों के द्वारा विशेष सम्मान दिया जाता था-
- ऐसी स्थिति अब क्यों नहीं है?
- इसकी जगह अब किन खेलों ने ले ली है?
- कुश्ती को फिर से प्रिय खेल बनाने के लिए क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं?
आशय स्पष्ट करें
पाठ के आसपास
चर्चा करें- कलाओं का अस्तित्व व्यवस्था का मोहताज़ नहीं है।
भाषा की बात
- चिकित्सा
- क्रिकेट
- न्यायालय
- या अपनी पसंद का कोई क्षेत्र
- फिर बाज़ की तरह उस पर टूट पड़ा।
- राजा साहब की स्नेह-दृष्टि ने उसकी प्रसिद्धि में चार चाँद लगा दिए।
- पहलवान की स्त्री भी दो पहलवानों को पैदा करके स्वर्ग सिधार गई थी।
इन विशिष्ट भाषा-प्रयोगों का प्रयोग करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए।
Solutions for 14: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)

NCERT solutions for Hindi - Aaroh Class 12 chapter 14 - फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)
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