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NCERT solutions for Hindi - Aaroh Class 12 chapter 14 - फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) [Latest edition]

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Chapters

काव्य खंड

    1: हरिवंश राय बच्चन (आत्मपरिचय, एक गीत)

    2: आलोक धन्वा (पतंग)

    3: कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर)

    4: रघुवीर सहाय (कैमरे में बंद अपाहिज)

    5: गजानन माधव मुक्तिबोध (सहर्ष स्वीकारा है)

    6: शमशेर बहादुर सिंह (उषा)

    7: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (बादल राग)

    8: तुलसीदास (कवितावली, लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप)

    9: फ़िराक गोरखपुरी (रुबाइयाँ, गज़ल)

    10: उमाशंकर जोशी (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख)

गद्य खंड

    11: महादेवी वर्मा (भक्तिन)

    12: जैनेन्द्र कुमार (बाज़ार दर्शन)

    13: धर्मवीर भारती (काले मेघा पानी दे)

▶ 14: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)

    15: विष्णु खरे (चार्ली चैप्लिन यानी हम सब)

    16: रज़िया सज्जाद ज़हीर (नमक)

    17: हजारी प्रसाद द्विदेदी (शिरीष के फूल)

    18: बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर (श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज)

NCERT solutions for Hindi - Aaroh Class 12 chapter 14 - फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 14: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)

Below listed, you can find solutions for Chapter 14 of CBSE NCERT for Hindi - Aaroh Class 12.


अभ्यास
अभ्यास [Pages 116 - 117]

NCERT solutions for Hindi - Aaroh Class 12 14 फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) अभ्यास [Pages 116 - 117]

पाठ के साथ

अभ्यास | Q 1. | Page 116
कुश्ती के समय ढोल की आवाज़ और लुट्टन के दाँव-पेंच में क्या तालमेल था? पाठ में आए ध्वन्यात्मक शब्द और ढोल की आवाज़ में आपके मन में कैसी ध्वनि पैदा करते हैं, उन्हें शब्द दीजिए।
अभ्यास | Q 2. | Page 116

कहानी के किस-किस मोड़ पर लुट्टन के जीवन में क्या-क्या परिवर्तन आए?

अभ्यास | Q 3. | Page 116
लुट्टन पहलवान ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मेरा गुरु कोई पहलवान नहीं, यही ढोल है?
अभ्यास | Q 4. | Page 116

गाँव में महामारी फैलने और अपने बेटों के देहांत के बावजूद लुट्टन पहलवान का ढोल क्यों बजाता रहा?

अभ्यास | Q 5. | Page 116

ढोलक की आवाज़ का पूरे गाँव पर क्या असर होता था?

अभ्यास | Q 6. | Page 116

महामारी फैलने के बाद गाँव में सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य में क्या अंतर होता था?

अभ्यास | Q 7. | Page 116

कुश्ती या दंगल पहले लोगों और राजाओं का प्रिय शौक हुआ करता था। पहलवानों को राजा लोगों के द्वारा विशेष सम्मान दिया जाता था-

  1. ऐसी स्थिति अब क्यों नहीं है?
  2. इसकी जगह अब किन खेलों ने ले ली है?
  3. कुश्ती को फिर से प्रिय खेल बनाने के लिए क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं?

आशय स्पष्ट करें

अभ्यास | Q 8. | Page 116
आकाश से टूटकर यदि कोई भावुक तारा पृथ्वी पर जाना भी चाहता तो उसकी ज्योति और शक्ति रास्ते में ही शेष हो जाती थी। अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिलाकर हँस पड़ते थे।
अभ्यास | Q 9. | Page 116
पाठ में अनेक स्थलों पर प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। पाठ में से ऐसे अंश चुनिए और उनका आशय स्पष्ट कीजिए।

पाठ के आसपास

अभ्यास | Q 1. | Page 116
पाठ में मलेरिया और हैज़े से पीड़ित गाँव की दयनीय स्थिति को चित्रित किया गया है। आप किसी ऐसी अन्य आपद स्थिति की कल्पना करें और लिखे कि आप ऐसी स्थिति का सामना कैसे करेंगी/करेंगे?
अभ्यास | Q 2. | Page 116
ढोलक की थाप मृत-गाँव में संजीवनी शक्ति भरती रहती थी- कला से जीवन के संबंध को ध्यान में रखते हुए चर्चा कीजिए।
अभ्यास | Q 3. | Page 116

चर्चा करें- कलाओं का अस्तित्व व्यवस्था का मोहताज़ नहीं है।

भाषा की बात

अभ्यास | Q 1. | Page 117
हर विषय, क्षेत्र, परिवेश आदि के कुछ विशिष्ट शब्द होते हैं। पाठ में कुश्ती से जुड़ी शब्दावली का बहुतायत प्रयोग हुआ है। उन शब्दों की सूची बनाइए। साथ ही नीचे दिए गए क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले कोई पाँच-पाँच शब्द बताइए-
  1. चिकित्सा
  2. क्रिकेट
  3. न्यायालय
  4. या अपनी पसंद का कोई क्षेत्र
अभ्यास | Q 2. | Page 117
पाठ में अनेक अंश ऐसे हैं जो भाषा के विशिष्ट प्रयोगों की बानगी प्रस्तुत करते हैं। भाषा का विशिष्ट प्रयोग न केवल भाषाई सर्जनात्मकता को बढ़ावा देता है बल्कि कथ्य को भी प्रभावी बनाता है। यदि उन शब्दों, वाक्यांशों के स्थान पर किन्हीं अन्य का प्रयोग किया जा तो संभवतः वह अर्थगत चमत्कार और भाषिक सौंदर्य उद्घाटित न हो सके। कुछ प्रयोग इस प्रकार हैं-
  1. फिर बाज़ की तरह उस पर टूट पड़ा।
  2. राजा साहब की स्नेह-दृष्टि ने उसकी प्रसिद्धि में चार चाँद लगा दिए।
  3. पहलवान की स्त्री भी दो पहलवानों को पैदा करके स्वर्ग सिधार गई थी।
    इन विशिष्ट भाषा-प्रयोगों का प्रयोग करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए।
अभ्यास | Q 3. | Page 117
जैसे क्रिकेट की कमेंट्री की जाती है वैसे ही कुश्ती की कमेंट्री की गई है? आपको दोनों में क्या समानता और अंतर दिखाई पड़ता है?

Solutions for 14: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)

अभ्यास
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