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प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
रामनाम जपिब श्रवननि सुनिबौ। |
(1) आकृति पूर्ण कीजिए : (2)
(i)
(ii)
(2) निम्नलिखित शब्दों के लिए समानार्थी शब्द पट्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए: (2)
- कानों से = ______
- लालच = ______
- न कहने योग्य = ______
- कागज = ______
(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
उत्तर
(1) (i)
(ii)
(2)
- कानों से = श्रवननि
- लालच = मोह
- न कहने योग्य = अकथ
- कागज = कागद
(3) संत नामदेव कहते हैं कि मैं तो रामनाम का जप करूँगा। केवल अपने कानों से उन्हीं का नाम सुनूँगा। जब में उनका नाम जपूँगा तथा उन्हीं का नाम सुनूँगा, तो उन्हीं के प्रताप से में भौतिक मोह-माया में नहीं फसूँगा। रामनाम की महिमा अवर्णनीय हैं। उसे कह सकना अथवा लिख सकना संभव नहीं है।
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संत नामदेव का ईश्वर के साथ रिश्ता इन उदाहरणों द्वारा व्यक्त हुआ है :
पद्य (अकथ कथ्यौ न जाइ) में इस अर्थ में आए शब्द :
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लिखिए :
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- ______
- ______
लिखिए :
नामदेव जी द्वारा दी गई सीख :
- ______
- ______
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
‘अकथ कथ्यौ न जाइ’
१. रचनाकार का नाम -
२. रचना की विधा -
३. पसंद की पंक्तियाँ -
४. पंक्तियाँ पसंद होने का कारण -
५. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा -