Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित से संबंधित प्रक्रम का नाम दीजिए -
अंधेरे कमरे में सूक्ष्म छिद्र से प्रवेश करती हुई महीन प्रकाश किरण उसके पथ में उपस्थित कणों को प्रदीप्त कर देती है।
उत्तर
टिंडल प्रभाव- प्रकाश का प्रकीर्णन
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
विलयन, निलंबन और कोलाइड एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न है?
उदाहरण के साथ समांगी एवं विषमांगी मिश्रणों में विभेद कीजिए।
एक संतृप्त विलयन बनाने के लिए 36 g सोडियम क्लोराइड को 100 g जल में 293 K पर घोला जाता है। इस तापमान पर इसकी सांद्रता प्राप्त करें।
चाय तैयार करने के लिए आप किन-किन चरणों का प्रयोग करेंगे। विलयन, विलायक, विलेय, घुलना, घुलनशील, अघुलनशील, घुलेय (फ़िल्ट्रेट) तथा अवशेष शब्दों का प्रयोग करें।
प्रज्ञा ने तीन अलग-अलग पदार्थों की घुलनशीलताओं को विभिन्न तापमानों पर जाँचा तथा नीचे दिए गए आँकड़ों को प्राप्त किया। प्राप्त हुए परिणामों को 100 g जल में विलेय पदार्थ की मात्रा, जो संतृप्त विलयन बनाने हेतु पर्याप्त है, निम्नलिखित तालिका में दर्शाया गया है।
क्रं | विलेय पदार्थ | तापमान K में | ||||
283 | 293 | 313 | 333 | 353 | ||
1 | पोटैशियम नाइट्रेट | 21 | 32 | 62 | 106 | 167 |
2 | सोडियम क्लोराइड | 36 | 36 | 36 | 37 | 37 |
3 | पोटैशियम क्लोराइड | 35 | 35 | 40 | 46 | 54 |
4 | अमोनियम क्लोराइड | 24 | 37 | 41 | 55 | 66 |
- 50 g जल में 313 K पर पोटैशियम नाइट्रेट के संतृप्त विलयन को प्राप्त करने हेतु कितने ग्राम पोटैशियम नाइट्रेट की आवश्यकता होगी?
- प्रज्ञा 353 K पर पोटैशियम क्लोराइड का एक संतृप्त विलयन तैयार करती है और विलयन को कमरे के तापमान पर ठंडा होने के लिए छोड़ देती है। जब विलयन ठंडा होगा तो वह क्या अवलोकित करेगी? स्पष्ट करें।
- 293 K पर प्रत्येक लवण की घुलनशीलता का परिकलन करें। इस तापमान पर कौन-सा लवण सबसे अधिक घुलनशील होगा?
- तापमान में परिवर्तन से लवण की घुलनशीलता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
निम्नलिखित मिश्रणों में से विलयन की पहचान करें।
- मिट्टी
- समुद्री जल
- वायु
- कोयला
- सोडा जल
नमक के विलयन को जल से तनु करते समय एक विद्यार्थी ने गलती से एसीटोन (क्वथनांक 56°C) मिला दिया। एसीटोन को पुनः प्राप्त करने के लिए हम क्या तकनीक अपना सकते हैं? अपने विकल्प का औचित्य दीजिए
एक अध्यापक ने तीन A, B तथा C विद्यार्थियों को 50% ( द्रव्यमान-आयतन द्वारा) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) विलयन बनाने के लिए निर्देशित किया। A ने 50g NaOH को 100mL जल में घोला, 'B' ने 50g NaOH को 100 g जल में घोला जबकि 'C' ने 50g NaOH को जल में घोलकर 100mL विलयन बनाया। उनमें से किसने वांछित विलयन बनाया और क्यों?
निम्नलिखित से संबंधित प्रक्रम का नाम दीजिए -
एक बीकर में पोटेशियम परमैंगनेट का एक क्रिस्टल है, उसमें विलोड़ित करते हुए जल मिलाते है।
आपके परिवेश में प्रेक्षित टिंडल प्रभाव के कुछ उदाहरण दीजिए।