हिंदी

निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए: मैं सड़क बोल रही हूँ...... - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

मैं सड़क बोल रही हूँ......

दीर्घउत्तर

उत्तर

मैं सड़क बोल रही हूँ......

नमस्ते प्यारों मित्रों मैं सड़क बोल रही हूँ। आप सब मुझे विविध नामों से जानते हैं। कोई उसे महात्मा गांधी मार्ग कहता है, कोई उसे थॉमस रोड। हरधर्म का हर देश का मुझसे नाता है। मैं काली हूँ, मगर सबको पास लाती हूँ। मेरे होने से दुनिया छोटी सी हो गयी है। मेरे होने से खुशहाली आती है। मैं घर और विद्यालय के बीच सेतु हूँ। जरूरत के अनुसार लोग मुझे टेढ़ी, नीची और ऊँची बना देते हैं।

मेरे अच्छे निर्माण से हाईवे बनते हैं। जिस पर ट्रक और भारी वाहन एक जगह से दूसरी जगह सामान ले जाते हैं इसलिए देश की प्रगति आज के युग में विकसित देश की पहचान मुझसे ही होती है। मेरा आरंभिक स्वरूप कच्चा था। उस पर बैलगाड़ी, ऊँटगाड़ी, ताँगा जैसे वाहन चलते थे। फिर कोलतार डालकर पक्की सड़कें बनने लगी। आज के युग में नई तकनीक आ गई है। अब मुझे सीमेंट से बनाने लगे हैं। अपना यह नया रूप मुझे बहुत अच्छा लगता है। दु:ख उस समय होता है, जब लोग मुझे गंदा कर देते हैं, बिना सोचे-समझे पान खाकर मुझ पर थूक देते हैं। लोग खोदकर मुझ पर गड्ढे भी बनाते हैं, तब मेरे शरीर पर बहुत से घाव होते हैं। गड्ढों के कारण अनेक, दुर्घटनाएँ भी होती हैं। मैं साफ-सुथरी रहकर सबको रास्ता दिखाना चाहती हूँ।

क्या इंसान का जीवन भी एक लंबी सड़क के समान नहीं है? शुरू से अंत तक बहुत से लोग हमारे जीवन में आते हैं। कुछ खट्टी, कुछ मीठी यादें छोड़ जाते हैं। जीवन की मुश्किलें उन गड्ढों की तरह हैं, जो सड़क को कुरूप बना देती हैं। जैसे हम सड़क के गड्ढे भर देते हैं, वैसे ही जीवन में भी हमें प्रेम, विश्वास व मेहनत से मुश्किलों के गड्ढ़ों को भर कर आगे बढ़ना चाहिए।

जिंदगी में हम सबको भी अच्छे बुरे वक्त का सामना करना पड़ता है। अपने साहस से, बड़ों के आशीर्वाद से हम हर मुश्किल पर जीत पाकर आगे बढ़ जाते हैं। सुखद भविष्य के लिए हमें सड़क से प्रेरणा लेकर बिना रुके, बिना झुके बिल्कुल सड़क की तरह आगे बढ़ना चाहिए। मुझे विश्वास है, कि एक दिन मेरी इच्छा निश्चित ही पूरी होगी।

shaalaa.com
निबंध लेखन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2018-2019 (March) Set 1

APPEARS IN

संबंधित प्रश्न

वर्णनात्मक निबंध: विज्ञान प्रदर्शनी का वर्णन


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

नदी किनारे एक शाम


कल्पनाप्रधान निबंध: यदि किताबें न होतीं


चरित्रात्मक निबंध: मेरे आदर्श


बढ़ते हुए प्रदुषण (वायु, ध्वनि) का स्वास्थ पर बुरा असर पड़ रहा है, विषय पर अपने विचार लिखिए |


‘स्‍वार्थ के अंधेपन से व्यक्‍ति अपनों से दूर हो जाता है’ इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए। 


निम्नलिखित विषय पर लगभग ८० से १०० शब्दों में निबंध लिखिए:

मेरा भारत देश


निम्नलिखित विषय पर 200 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए:

दुर्घटना से देर भली


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 150 शब्दों में रचनात्मक लेखन लिखिए।

विद्यालय में मेरा प्रिय कोना


निबंध लेखन -

एक बाढ़ पीड़ित की आत्मकथा


निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

गरमी की पहली बारिश


निबंध लिखिए:

मेरे प्रिय साहित्यकार


नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

दिया और तूफ़ान : मानव जीवन का सत्य


नीचे दिए गए अप्रत्याशित विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।

आज़ादी का अमृत महोत्सव: स्वर्णिम 75 साल


निबंध लिखिए-

आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।


निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

नालंदा की सैर


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

एक किसान की आत्मकथा


निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

मेरा प्रिय खेल


‘मैं लाल किला बोल रहा हूँ...’ निबंध लिखिए।



रामवृक्ष बेनीपुरी द्‍वारा लिखित ‘गेंहूँ बनाम गुलाब’ निबंध पढ़िए और उसका आकलन कीजिए ।


‘यदि मैं शिक्षा मंत्री होता -----’ विषय पर लगभग सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


खालील मुद्‌द्यांच्या आधारे ‘मी अनुभवलेला पाऊस’ या विषयावर निबंध लिहा.


निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

यदि पुस्तकें न होती........


वर्णनात्मक -


चौकटीत दिलेल्या घटकाचे आत्मकथन लिहा:


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×