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प्रश्न
नियॉन के तीन स्थायी समस्थानिकों की बहुलता क्रमशः 90.51%, 0.27% एवं 9.22% है। इन समस्थानिकों के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः 19.99u, 20.99u एवं 21.99u हैं। नियॉन का औसत परमाणु द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
उत्तर
यदि नियॉन के 100 परमाणु लिए जाएँ तो उनमें नियॉन के तीन समस्थानिकों के क्रमश: 90. परमाणु, 0.27 परमाणु तथा 9.22 परमाणु होंगे।
∴ नियॉन का औसत परमाणु द्रव्यमान
= `((90.51 xx 19.99 + 0.27 xx 20.99 + 9.22 xx 21.99) u)/100`
= `((1809.2949 + 5.6673 + 202.7478) "u")/100`
`= 2017.71/100`
= 20.177 u ≈ 20.18 u
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एक दिए गए सिक्के का द्रव्यमान 3.0 g है। उस ऊर्जा की गणना कीजिए जो इस सिक्के के सभी न्यूट्रॉनों एव प्रोटॉनों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए आवश्यक हो। सरलता के लिए मान लीजिए कि सिक्का पूर्णतः \[\ce{_29^63Cu}\] परमाणुओं का बना है। (\[\ce{_29^63Cu}\] का द्रव्यमान = 82,92960 u)।
निम्नलिखित के लिए नाभिकीय समीकरण लिखिए
- \[\ce{_88^226Ra}\] का α- क्षय
- \[\ce{_94^242Pu}\] का α- क्षय
- \[\ce{_15^32 P}\] P का β– - क्षय
- \[\ce{_210^83Bi}\] का β– - क्षय
- \[\ce{_6^11C}\] का β+ - क्षय
- \[\ce{_43^97Tc}\] Tc का β+ - क्षय
- \[\ce{_54^120Xe}\] का इलेक्ट्रॉन अभिग्रहण
जीवित कार्बनयुक्त द्रव्य की सामान्य ऐक्टिवता, प्रति ग्राम कार्बन के लिए 15 क्षय प्रति मिनट है। यह ऐक्टिवता, स्थायी समस्थानिक \[\ce{_{ 6 }^{ 14 }{ C }}\] के साथ-साथ अल्प मात्रा में विद्यमान रेडियोऐक्टिव \[\ce{_{6}^{12}{C}}\] के कारण होती है। जीव की मृत्यु होने पर वायुमण्डल के साथ इसकी अन्योन्य क्रिया (जो उपर्युक्त सन्तुलित ऐक्टिवता को बनाए रखती है) समाप्त हो जाती है तथा इसकी ऐक्टिवता कम होनी शुरू हो जाती है।\[\ce{_{ 6 }^{ 14 }{ C }}\] की ज्ञात अर्धायु (5730 वर्ष) और नमूने की मापी गई ऐक्टिवता के आधार पर इसकी सन्निकट आयु की गणना की जा सकती है। यही पुरातत्व विज्ञान में प्रयुक्त होने वाली \[\ce{_{ 6 }^{ 14 }{ C }}\] कालनिर्धारण (dating) पद्धति का सिद्धान्त है। यह मानकर कि मोहनजोदड़ो से प्राप्त किसी नमूने की ऐक्टिवता 9 क्षय प्रति मिनट प्रति ग्राम कार्बन है। सिन्धु घाटी सभ्यता की सन्निकट आयु का आकलन कीजिए।
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`"m"(""_20^40"Ca")` = 39.962591 u
`"m"(""_20^41"Ca")` = 40.962278 u
`"m"(""_13^26"Al")` = 25.986895 u
`"m"(""_13^27"Al")` = 26.981541 u