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पाठों में आए सभी प्रकार के अव्ययों को ढूँढ़कर उनसे प्रत्‍येक प्रकार के दस-दस वाक्‍य लिखिए। - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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प्रश्न

पाठों में आए सभी प्रकार के अव्ययों को ढूँढ़कर उनसे प्रत्‍येक प्रकार के दस-दस वाक्‍य लिखिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  1. क्रियाविशेषण अव्यय :
    1. धीरे-धीरे = राधा बहोत धीरे - धीरे काम करती है।
    2. कभी-कभी = राम को कभी - कभी नींद आती है।
    3. ऊपर = ऊपर मत जाओ, वहाँ बहुत धुप है।
    4. आज = आज मै खेलने जाऊंगा।
    5. पहले = राम ने पहले खाना खाया, फिर अपना गृहकार्य पूरा किया।
    6. अब = अब मै नृत्य सिखने जा रहा हूँ।
    7. यहाँ = यहाँ पाठशाला बन रही है।
    8. वहाँ = वहाँ सभी किताबें पड़ी है।
    9. आजकल = आजकल राम विद्यालय नहीं आ रहा है।
    10. सामने = सामने पेड़ पर आम लटक रहे है।
  2. संबंधसूचक अव्यय:
    1. के लिए  = क्रिकेट खेलने के लिए बैट चाहिए।
    2. के भीतर = रोहन विद्यालय के भीतर है।
    3. के नीचे = मेरे घर के निचे एक गमला रखा है।
    4. के पास = राहुल के पास मेरी नई पेंसिल है।
    5. के साथ = राम अपनी मम्मी के साथ रोज घूमने जाता है।
    6. के कारण = बस न आने के कारण राम विद्यालय नहीं गया।
    7. के बाहर  = पार्क के बाहर खिलौने वाला है।
    8. के खिलाफ = राधा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने लगीं ।
    9. के बिना  = राम के बिना रोहन का मन नहीं लगता।
    10. की तरह = राम की तरह श्याम ने भी आज अपना सारा काम पूरा किया।
  3. समुच्चयबोधक अव्यय:
    1. और = राम और श्याम का रोज झगड़ा होता हैं।
    2. कि = उसे लगा कि मैं आज घर नहीं जाउंगी।
    3. या = तुम पाठशाला जाओ या घर का काम करो।
    4. अतएव = सबके पैर हैं, अतएव सबको पैर में दर्द होना स्वाभाविक है।
    5. अत:  = राम की बस छूट गई। अतः उसे घर वापस जाना होगा।
    6. इसलिए = राजू को बुखार था इसलिए आज वह बाहर नहीं जाएगा।
    7. लेकिन = कुछ लोगो का कितना भी अच्छा सोच लो लेकिन वह पीठ पीछे बुरा ही कहते है।
    8. पर = राम को घर जाना था, पर उसका मन नहीं था जाने का।
    9. किंतु = रीमा को अध्यापिका ने बुलाया, किंतु वह विद्यालय नहीं आई थी।
    10. क्योंकि = मोहन उदास था, क्योंकि उसका दोस्त नहीं आया विद्यालय।
  4. विस्मयादिबोधक अव्यय:
    1. हाँ ! = हाँ ! मेरी पढ़ाई पूरी हो गई।
    2. अरे ! = अरे ! वाह क्या मौसम है।
    3. क्या ! = क्या ! रितु पागल हो गई।
    4. ठीक है ! = ठीक है ! मै पूरा काम कर दूंगा।
    5. अच्छा ! =  अच्छा ! तुम पास हो गई।
    6. सचमुच ! = सचमुच ! मैं परीक्षा में पास हो गई।
    7. ओह ! = ओह ! ये कैसे हो गया।
    8. काश ! = काश ! आज मेरे पास भी बंगला होता।
    9. भाई ! = भाई ! तुम सच कह रहे हो।
    10. शायद ! = शायद ! वह बीमार हो है।
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व्याकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.8: ऐसा वसंत कब आएगा ? - स्वाध्याय [पृष्ठ ५७]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) - Lokvani Class 10 Maharashtra State Board
अध्याय 2.8 ऐसा वसंत कब आएगा ?
स्वाध्याय | Q (३) | पृष्ठ ५७

संबंधित प्रश्न

क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)

अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-

  1. घोड़ा पानी पी रहा था।
  2. बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
  3. रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
  4. देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।

निम्‍न विरामचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्‍य में प्रयोग करो :


निम्‍नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्‍यों में प्रयोग कराे :

हल


निम्‍न वृत्‍त में दिए संज्ञा तथा विशेषण शब्‍दों को छाँटकर तालिका में उचित स्‍थानों पर उनके भेद सहित लिखो :

  • नदी
  • पहाड़ी
  • सीता
  • वह लकड़हारा
  • पानी
  • चार किलो
  • गरीबी
  • ईमानदारी
  • गंगा
  • पालक
  • दस
  • चाँदी
  • कोई
  • सभा
  • धनी
संज्ञा भेद विशेषण भेद
______ ______ ______ ______
______ ______ ______ ______
______ ______ ______ ______
______ ______ ______ ______
______ ______ ______ ______
______ ______ ______ ______

शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

अब हम उसे दुत्‍कार रहे हैं।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

यह भोजन दस आदमी के लिए है।


अर्थ की दृष्‍टि से वाक्‍य परिवर्तित करके लिखिए :

सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं।


निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:

टोपी - पहनना - ______ - ______ 


निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:

कमर - बंद - करना - ______ - ______ - ______


निम्नलिखित वर्णों से समानार्थी और विरुद्धार्थी शब्दों की जोड़ियाँ ढूँढ़ो और अपने वाक्‍यों में प्रयोग करके कॉपी में लिखो:


निम्नलिखित वाक्य को पढ़ो और मोटे अक्षर में छपे शब्द पर ध्यान दो, पढ़कर उद्देश्य-विधेय अलग करके लिखो:

हिलामय देश का गौरव है।


उचित विराम चिह्न लगाओ:

बालभारती हिंदी की पुस्तकें हैं।
सुलभभारती

निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग लगाकर लिखो।


नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-

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मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)
आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

पराधीन को स्‍वप्न में भी सुख नहीं मिलता


निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

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  पर्ण      

अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

मैं लिखना-पढ़ना करने लगा हूँ।


शब्‍द के लिंग पहचानिए:

अभ्‍यर्थना = ______


शब्‍द के लिंग पहचानिए:

कमलिनी = ______


पाठ्यपुस्‍तक की पहली इकाई के १ से ६ पाठों से भेदों सहित संज्ञाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए।


उपसर्गयुक्त शब्‍द लिखिए।


इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

असामाजिक गतिविधियों के कारण वह दंडित हुआ।


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

गेहूँ गीला होना


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
?    

नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
,    

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निम्नलिखित वाक्यों में से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:


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