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प्रश्न
पाठों में आए सभी प्रकार के अव्ययों को ढूँढ़कर उनसे प्रत्येक प्रकार के दस-दस वाक्य लिखिए।
उत्तर
- क्रियाविशेषण अव्यय :
- धीरे-धीरे = राधा बहोत धीरे - धीरे काम करती है।
- कभी-कभी = राम को कभी - कभी नींद आती है।
- ऊपर = ऊपर मत जाओ, वहाँ बहुत धुप है।
- आज = आज मै खेलने जाऊंगा।
- पहले = राम ने पहले खाना खाया, फिर अपना गृहकार्य पूरा किया।
- अब = अब मै नृत्य सिखने जा रहा हूँ।
- यहाँ = यहाँ पाठशाला बन रही है।
- वहाँ = वहाँ सभी किताबें पड़ी है।
- आजकल = आजकल राम विद्यालय नहीं आ रहा है।
- सामने = सामने पेड़ पर आम लटक रहे है।
- संबंधसूचक अव्यय:
- के लिए = क्रिकेट खेलने के लिए बैट चाहिए।
- के भीतर = रोहन विद्यालय के भीतर है।
- के नीचे = मेरे घर के निचे एक गमला रखा है।
- के पास = राहुल के पास मेरी नई पेंसिल है।
- के साथ = राम अपनी मम्मी के साथ रोज घूमने जाता है।
- के कारण = बस न आने के कारण राम विद्यालय नहीं गया।
- के बाहर = पार्क के बाहर खिलौने वाला है।
- के खिलाफ = राधा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने लगीं ।
- के बिना = राम के बिना रोहन का मन नहीं लगता।
- की तरह = राम की तरह श्याम ने भी आज अपना सारा काम पूरा किया।
- समुच्चयबोधक अव्यय:
- और = राम और श्याम का रोज झगड़ा होता हैं।
- कि = उसे लगा कि मैं आज घर नहीं जाउंगी।
- या = तुम पाठशाला जाओ या घर का काम करो।
- अतएव = सबके पैर हैं, अतएव सबको पैर में दर्द होना स्वाभाविक है।
- अत: = राम की बस छूट गई। अतः उसे घर वापस जाना होगा।
- इसलिए = राजू को बुखार था इसलिए आज वह बाहर नहीं जाएगा।
- लेकिन = कुछ लोगो का कितना भी अच्छा सोच लो लेकिन वह पीठ पीछे बुरा ही कहते है।
- पर = राम को घर जाना था, पर उसका मन नहीं था जाने का।
- किंतु = रीमा को अध्यापिका ने बुलाया, किंतु वह विद्यालय नहीं आई थी।
- क्योंकि = मोहन उदास था, क्योंकि उसका दोस्त नहीं आया विद्यालय।
- विस्मयादिबोधक अव्यय:
- हाँ ! = हाँ ! मेरी पढ़ाई पूरी हो गई।
- अरे ! = अरे ! वाह क्या मौसम है।
- क्या ! = क्या ! रितु पागल हो गई।
- ठीक है ! = ठीक है ! मै पूरा काम कर दूंगा।
- अच्छा ! = अच्छा ! तुम पास हो गई।
- सचमुच ! = सचमुच ! मैं परीक्षा में पास हो गई।
- ओह ! = ओह ! ये कैसे हो गया।
- काश ! = काश ! आज मेरे पास भी बंगला होता।
- भाई ! = भाई ! तुम सच कह रहे हो।
- शायद ! = शायद ! वह बीमार हो है।
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सूचना के अनुसार शब्द में परिवर्तन कीजिए:
निम्न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग करो :
-
निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
बादल
पाठ्यपुस्तक से दस वाक्य चुनकर उनमें से उद्देश्य और विधेय अलग करके लिखो।
शालेय बैंड पथक के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु अपने विद्यालय के प्राचार्य से विद्यार्थी प्रतिनिधि के नाते अनुमति माँगते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखो:
दिनांक : ______ विषय : ______ महोदय, ______________________________ ______________________________ ______________________________ आपका/आपकी आज्ञाकारी, |
पाठ में प्रयुक्त उद्धरण, सुवचन, मुहावरे, कहावतें, आलंकारिक शब्द आदि की सूची बनाकर अपने लेखन प्रयोग हेतु संकलन करो।
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
( )
निम्न वाक्य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर लिखिए:
घर से बाहर गए उन्हें काफी समय हो गया।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
तितली के पास सुंदर पंख होते हैं।
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:
__________________
__________________
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
नागपुर से रायगढ़ की ओर गए।
निम्न प्रकार से मात्रा एवं चिह्नवाले अन्य शब्द बताओ:
काला | बुलबुल | कृपाण | केले | प्रातः | ||||
रूमाल | नूपुर | खपरैल | खरगोश | लीची | ||||
चौदह | हृदय | चौकोर | पतंग | कुआँ | ||||
चिड़िया | पैसे | तितली | संख्याऍं | डॉक्टर |
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
अरे! हम कहॉं आ गए ?
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
बच्चे हँसते-हँसते खेल रहे थे।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?
‘रमेश पुस्तक पढ़ता है।’ इस वाक्य को सभी काल में परिवर्तित करके भेदों सहित बताओ और लिखो।
निम्न विशेषण शब्द का अपने वाक्य में प्रयोग करके उनका प्रकार लिखो।
विरामचिह्न रहित अनुच्छेद में विरामचिह्न लगाओ।
(,, !, ।, ?, -, – , ‘ ’ , ‘‘ ’’)
काबुलीवाले ने पूछा बिटिया अब कौन सी चूड़ियॉं चाहिए मैंने अपनी गुड़िया दिखाकर कहा मेरी गुड़िया के लिए अच्छी सी चूड़ियॉं दे दो जैसे लाल नीली पीली (यह अनुच्छेद काबुलीवाला कहानी से है।)
निम्न शब्दों के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
मनुष्य |
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
विग्रह | शब्द | विलोम |
उत् + नति | × |
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
निर्विघ्न | ______ + ______ |
कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
उपर्युक्त अंश से पंद्रह शब्द ढूँढ़िए उनमें प्रत्यय लगाकर शब्दों को पुनः लिखिए।
पाठ्यपुस्तक के पाठ (सच का सौदा) से बीस विशेष शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
बड़ी मुश्किल से उसकी आँख लगी ।
निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
अदरक क्या जाने बंदर का स्वाद।
अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित करके लिखिए :
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
चिह्न | नाम | वाक्य |
-o- |
मुहावरों का प्रयोग/चयन करनाा ।
‘मुहावरा’ शब्द अरबी भाषा का है जिसका अर्थ ‘अभ्यास होना’ या आदी होना’ होता है। इस प्रकार मुहावरा शब्द अपने-आप में स्वयं मुहावरा है, क्योंकि यह अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर असामान्य अर्थ प्रकट करता है।
निम्नलिखित वाक्यों में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:
निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने शत्रु सेना के सामने ______ स्वीकार नहीं किया।