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प्रश्न
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन:
एक युवक | → | गलत संगति के चलते बुरी आदतों का शिकार होना | → | पुलिस के छापे में गिरफ्तार होना |
पूछताछ में पुलिस अधिकारी का सच्चाई जानना | → | समुपदेशन कर उचित सलाह देना | → | रिहा होकर युवक का पुरानी संगति छोड़कर छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करना |
धीरे-धीरे बड़ा व्यवसायी बनना | → | अपने जैसे युवकों काे नौकरी देना | → | शीर्षक |
उत्तर
ईमानदार राघव रामपुर में राघव नाम का युवक अपने माता-पिता व छोटी बहन के साथ रहता था। अपने मित्र की सलाह पर राघव ने शहर में नौकरी करने की ठानी और अपनी यह इच्छा अपने माता-पिता के सामने प्रकट की। पहले तो उसके माता-पिता उसे शहर भेजने के लिए राजी नहीं हुए, परंतु अपने बेटे का उदास चेहरा देखकर वे तैयार हो गए। राघव का सपना था वह शहर जाकर नौकरी करेगा। एक दिन वह शहर के लिए घर से निकल गया। उसके बहोत सारे मित्र शहर में रहते थे, शहर पहुँचकर वह आपने शहरी मित्र राजू के साथ ही रहने लगा। राजू ने उसे बताया कि वह अपने सभी दोस्तों के साथ मिलकर व्यापार करता है। उसने राघव के भी साथ में व्यापार करने के लिए कहा। राघव अपने मित्र की बात सुनकर बहोत खुश हुआ, राजू के मित्र दिन - भर काम करते यह राघव ने देखा उसे बहोत अच्छा लगा यह सब देखकर, लेकिन उसके दोस्त मिलकर रोज रात को बाहर खाना खाते घूमते - फिरते और शराब पीते थे। राघव पहले तो यह देखकर हैरानी हुई पर राजू ने उसे बताया कि शहर में शराब पीना तो मामूली बात हैं। उसने राघव को भी जबरन शराब पिलाई। धीरे- धीरे राघव भी गलत संगति के चलते बुरी आदतों का शिकार हो गया। राजू और उसके मित्रों का एक छोटा-सा इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का गोदाम था। वे वस्तुओं को कम दाम में बेचा करते थे। राघव भी वहाँ काम करना शुरू कर दिया। एक दिन राघव अकेले उस दुकान पर काम कर रहा था। तभी अचानक से वहा पुलिस ने छापा मारा राघव घबरा गया तथा डर के मारे रोने लगा उसके कोई मित्र दूर दूर तक नजर नहीं आ रहे थे। तभी पुलिस राघव को गिरफ्तार करके थाने में ले गई उसने पुलिस से पूछा कि मुझे पकड़कर क्यों लाए हैं? मैंने तो कोई गलत काम नहीं किया। पुलिस ने उसे बताया कि जिस गोदाम में वह सामान की देखरेख कर रहा था, वह सारा सामान चोरी का है। राघव की सारी सच्चाई जानने के बाद पुलिस अधिकारी ने राघव का समुपदेशन कर उसे उचित सलाह देते हुए कहा कि गलत लोगों की संगति नहीं करनी चाहिए राघव को पुलिस की सारी बात समझ आ गई थी तथा उसने मुझे ये सब सुनकर पुलिस के साथ मदद करने का निश्चय किया, वह अपने मित्र राजू तथा, उनके साथियों का पता पुलिस को दिया पुलिस राजू और उनके साथियो को गिरफ्तार कर लिया तथा पुलिस ने राघव को रिहा कर दिया, राघव फिर कपड़े का दुकान खोला वह दुकान अच्छी चली वह अच्छा पैसा कमाने लगा। सिख: गलत संगती का असर हमेशा बुरा ही होता है। |
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