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प्रश्न
निम्नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए:
‘स्वास्थ्य ही संपदा है।’
उत्तर
‘स्वास्थ्य ही संपदा है।’
कभी कभी हम स्वास्थ्य को गहराई से समझने में विलम्ब कर देते हैं, लेकिन एक दिन एक युवक को अपने जीवन में इसकी महत्वपूर्णता का पता चला।
युवक का नाम आदित्य था। वह एक अत्यधिक बिजी और अव्यवस्थित जीवन जी रहा था। उसके पास समय की कमी थी, और उसका ध्यान सिर्फ अपने करियर और प्रोफेशनल लक्ष्यों पर था। उसने स्वास्थ्य को उतना महत्व नहीं दिया जितना कि उसे देना चाहिए था। एक दिन आदित्य को तेज बुखार और उससे उत्पन्न हुई तीव्र सर्दी हो गई। उसने यह लापरवाही से नजरअंदाज कर दिया, और अपने काम में डूब गया। धीरे-धीरे, उसकी सेहत और बिगड़ती गई, लेकिन उसने इसे ध्यान नहीं दिया।
एक दिन, जब उसकी स्थिति गंभीर हो गई, तो उसने एक चिकित्सक की सलाह ली। डॉक्टर ने उसे चेकअप के लिए अस्पताल भेजा। जब उसकी जाँच हुई, तो पता चला कि उसका सर्दी-जुकाम एक बीमारी में बदल चुका था और उसे पन्नी की फेफड़ों का संक्रमण हो गया था। आदित्य को चिकित्सकों ने उम्र भर के लिए चिकित्सा और आराम की आवश्यकता बताई। उसे यह अनुभव उसे समझाया कि स्वास्थ्य ही वास्तव में संपदा है। अगर हम स्वास्थ्य को ध्यान से नहीं देंगे, तो हमारे अन्य सभी उद्देश्य और लक्ष्य अधूरे रहेंगे।
उस घड़ी से, आदित्य ने अपने जीवन में स्वास्थ्य को पहले रखने का संकल्प किया। उसने नियमित रूप से व्यायाम किया, स्वस्थ आहार लिया, और प्रतिदिन अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने का प्रयास किया। आज, आदित्य एक स्वस्थ और सकुशल व्यक्ति हैं। उन्हें यह अहसास है कि स्वास्थ्य को संभालना हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण काम है, जिससे हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। वह अब अपने जीवन को स्वस्थ और खुशहाली से भरा हुआ महसूस कर रहे हैं।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि स्वास्थ्य हमारी सबसे बड़ी संपदा है, और हमें इसे हमेशा महत्वपूर्णता देनी चाहिए।
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