मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (मराठी माध्यम) इयत्ता ९ वी

सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए। श्रम ही देवता है। - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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प्रश्न

सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

श्रम ही देवता है।

दीर्घउत्तर

उत्तर

श्रम ही देवता है

राजू के पिताजी एक साधू मेहनती किसान थे, जो दिन रात मेहनत करते थे ताकि उनके बच्चे भविष्य में बेहतर जीवन जी सकें। राजू ने अपने पिताजी को देखकर सीखा कि श्रम का महत्व ही कुछ और है। एक दिन, राजू के गाँव में एक उत्सव हुआ। उस दिन उसे गाँव के सर्वांगीण उन्नति के लिए समर्पित लोगों की एक सभा में बुलाया गया। वहां एक विदेशी महाशय ने एक सुवचन दिया, "श्रम ही देवता है।" राजू ने कहा, "हमारे पुराने शास्त्रों में कहा गया है कि 'श्रम ही देवता है।' हमें अपने काम में समर्पित रहना चाहिए और मेहनत करके ही हम अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं।" और उन्हें यह सिखाई कि श्रम में समर्पण है, और यह समर्पण ही उन्हें सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है।

राजू ने गाँव के बच्चों के लिए शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने के लिए एक स्कूल की स्थापना की और उन्हें नौकरी मिलने के लिए कौशल विकसित करने में मदद की। धीरे-धीरे, राजू की इस कोशिश ने गाँव को सुधारने में मदद की और वह देखने को मिला कि कैसे श्रम से ही उन्नति और समृद्धि आ सकती है।

गाँववाले ने भी उसकी सोच को स्वीकारा और उसका साथ दिया। इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि रमेश ने यह सिद्ध किया कि अगर हमारी मेहनत में समर्पण है, तो हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं और अपनी पहचान बना सकते हैं।

सिख: श्रम में समर्पण होना एक व्यक्ति को सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है।

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कहानी लेखन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.9: रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग - कहानी [पृष्ठ ५२]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) - Lokvani Class 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.9 रचना विभाग एवं व्याकरण विभाग
कहानी | Q ८ | पृष्ठ ५२

संबंधित प्रश्‍न

निम्‍नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए। उसे उचित शीर्षक दीजिए।

गाँव में लड़कियाँ - सभी पढ़ने में होशियार - गाँव में पानी का अभाव - लड़कियों का घर के कामों में सहायता करना - बहुत दूर से पानी लाना - पढ़ाई के लिए कम समय मिलना - लड़कियों का समस्‍या पर चर्चा करना - समस्‍या सुलझाने का उपाय खोजना - गाँववालाें की सहायता से प्रयोग करना - सफलता पाना - शीर्षक।


दिए गए शब्दों की सहायता से कहानी लेखन कीजिए। उसे उचित शीर्षक देकर प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:

अकाल, तालाब, जनसहायता, परिणाम


शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए:

थैली, जल, तस्‍वीर, अँगूठी 


निम्‍नलिखित सुवचन पर आधारित कहानी लिखिए: 

‘स्‍वास्‍थ्‍य ही संपदा है।’ 


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक मजदूर - दिन भर श्रम करना - बनिया की दुकान से रोज चावल खरीदना - बनिया द्वारा बचत की सलाह - मजदूर की उपेक्षा करना - बनिया द्वारा मजदूर के चावलों में से थोड़ा-थोड़ा चावल अलग करना - पंद्रह दिन बाद मजदूर के हाथ में दो किलो चावल - मजदूर आश्चर्यचकित - बनिया का बचत की बात बताना - मजदूर को बचत काँ महत्त्व समझना - सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक आलसी किसान - अमीर होने का सपना - साधु के पास जाना - गुप्त धन की जानकारी पूछना - साधु का कहना - गुप्त धन खेत में - किसान द्वारा रोज खेत को खोदना - धन न मिलना - किसान का निराश होना - बरसात के दिनों में बीज डालना - अच्छी फसल - किसान के पास अच्छा धन - शीर्षक - सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए, तथा सीख लिखिए:

किसान के घर में चोर - घबराना - पत्नी की युक्ति - जोर-जोर से कहना - रुपये गहने घर के पिछवाड़े बंजर जमीन में छिपा दिए हैं - चोरों का बंजर जमीन खोदना - कुछ न मिलना - किसान को आनंद - सीख।


कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

मनोज का रिक्शा से मंडी जाना - जल्दबाजी में बदुआ रिक्शे में भूलना - थोड़ी सब्जी लेकर घर लौटना - तनाव में - रात नौ बजेदरवाजे पर रिक्शेवाले की दस्तक - पता ढूँढ़ते घर आना और बटुआ लौटाना - शीर्षक।

निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

पेंटिंग-के अच्छे दाम पाकर वह बहुत खुश था। दिमाग में तरह-तरह की योजनाएँ चल रही थी ............


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

परीक्षा के दौरान मेरी प्रिय सखी बार-बार सहायता माँग रही थी लेकिन मैंने मदद नहीं की तो वह ...........


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

राम एक गरीब छात्र था - सरकारी नौकरी लगना - धनवान बनना - छापा पड़ना - जेल जाना - प्रतिष्ठा धूमिल होना।

शीर्षक


कहानी लेखन-

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए-

एक आदमी ---- भगवान ---- वरदान दिया ---- जन्म लिया। छोटा ---- हवा का झोंका ---- रात ---- तारे अच्छे लगते ---- बातें ---- दोनों की दोस्ती ---- फलदाब पेड़ ---- फल ---- तारे को भेजा, ---- प्रसल हुआ ---- खुश रहने लगे ---- मित्रता इसी प्रकार निभानी चाहिए।


'जहाँ चाह, वहाँ राह' शीर्षक पर लगभर 100 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

वसुधैव कुटुंबकम


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

पढ़ेगी बेटी तो सुखी होगा परिवार।


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

अतिथि देवो भव


सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

हमारी पहचान; हमारा राष्ट्र


“अभी धुप चमक रही थी कि अचानक आकाश में काले बादलों का साम्राज्य छा गया और तभी तेज़ ओलों की बौछार ने सड़क पर धमा - चौकड़ी मचा दी..." इस कथा को लगभग 100 शब्दों में आगे बढ़ाकर लिखिए।


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