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प्रश्न
प्रतिदर्श प्रतिनिधित्व चयन के कुछ आधार बताएँ?
टिप्पणी लिखिए
उत्तर
प्रतिदर्श चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से दो सिद्धांतों पर निर्भर करती है:
- स्तरीकरण का सिद्धांत (Principle of stratification) - जनसंख्या के सभी प्रासंगिक उप-समूहों को प्रतिदर्श में पहचान और प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि कोई धर्म के प्रति अभिवृत्ति पर अनुसंधान कर रहा है, तो सभी धर्मों के सदस्यों और प्रत्येक धार्मिक वर्ग के अधीन पुरुष और औरत दोनों को इसमें शामिल किया जाएगा।
- प्रतिदर्श चुनाव का द्वितीय सिद्धांत वास्तविक इकाई का चुनाव है, जैसे कि गाँव, व्यक्ति, गृह इत्यादि को विशुद्ध अवसर के आधार पर चुना जाता है। इसे यादृच्छिकीकरण की संज्ञा दी गई है जो स्वयं संभावित की अवधारणा पर निर्भर है।
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समाजशास्त्र में क्षेत्रीय कार्य
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