Advertisements
Advertisements
प्रश्न
रहीम के दोहों से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर
रहीम के दोहों से हमें सीख मिलती है कि हमें अपने मित्र का सुख-दुख में बराबर साथ देना चाहिए। हमारे मन में परोपकार की भावना होनी चाहिए। जिस प्रकार प्रकृति हमारे लिए सदैव परोपकार करती है, उसी प्रकार हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए। रहीम वृक्ष और सरोवर की ही तरह संचित धन को जन कल्याण में खर्च करने की सीख देते हैं। अंतिम दोहे में रहीम हमें सीख देने का प्रयास करते हैं, कि धरती की तरह जीवन में सुख-दुख को समान रूप से सहन करने की शक्ति रखनी चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आपके विचार से किस कठपुतली ने विद्रोह किया?
कवि विप्लव गान क्यों गाना चाहता है?
कविता की कुछ पंक्तियाँ छाँटकर लिखो जिनसे पता लगता है कि कवि को इस बात पर पूरा भरोसा है कि एक दिन सबको मान मिलेगा।
अपनी सूची में से किसी एक के बारे में बताओ कि उसे मान-सम्मान कैसे मिल सकता है?
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
बादल है _________ काका।
किन पंक्तियों से पता चलता है कि कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है?
बिजली के बच्चों के वार खाली क्यों जा रहे हैं?
'हम नया भूगोल बनाएँगे।'
ऊपर लिखी पंक्ति में 'भूगोल' शब्द की जगह और कौन-कौन से शब्द आ सकते हैं?
नीचे दिए गए बॉक्स में से छाँटो और कुछ शब्द स्वयं सोचकर लिखो।
संसार | कल्पना | इंसान | पौधा | चेतना | जमाना | दुनिया | इतिहास |
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया इंसान बनाना
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?
रहीम मनुष्य को धरती से क्या सीख देना चाहता है?
कविता के मूलभाव को ध्यान में रखते हुए बताइए कि इसका शीर्षक ‘विप्लव-गायन’ क्यों रखा गया होगा?
कवि छत की मुंडेर पर किस भाव में खड़ा था?
तिनकेवाली घटना से कवि को क्या प्रेरणा मिली?
मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में,
(ख) रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर
(ग) नदी या समुद्र के किनारे
(घ) पहाड़ों पर।
बहुविकल्पी प्रश्न
दही कौन बिलो रही है?
ग्वाल-बालों के हाथ में क्या वस्तु थी?
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
तब माँ कोई कर न सकेगा