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Read the passage given below carefully and answer the questions that follow using your own words in Hindi. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और अपने शब्दोंका प्रयोग करते - Hindi (Indian Languages)

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प्रश्न

Read the passage given below carefully and answer the questions that follow using your own words in Hindi.

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और अपने शब्दोंका प्रयोग करते हुए दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में दीजिए।

कैसोवैरी चिड़िया जंगल में एक पेड़ के कोटर में रहती थी। वह बचपन से ही बाकी चिड़ियों से अलग थी इसलिए बाकी चिड़ियों के बच्चे उसे हमेशा चिढ़ाते थे।

कोई कहता, “जब तू उड़ नहीं सकती तो चिड़िया किस काम कीं?", तो कोई उसे पेड़ की डाल पर बैठकर चिढ़ाता, “अरे! कभी हमारे पास भी आ जाया करो। जब देखो जानवरों की तरह नीचे चरती रहती हो", और ऐसा बोलकर सब-के-सब खूब हँसते।

कैसोवैरी उनकी बातें सुनकर मन मसोसकर रह जाती पर किसी से कुछ कह नहीं पाती थी। शुरू-शुरू में वह इन बातों का बुरा नहीं मानती थी लेकिन किसी भी चीज की एक सीमा होती है। बार-बार चिढ़ाए जाने से उसका दिल टूट गया। वह उदास बैठ गयी और आसमान की तरफ देखते हुए बोली, “हे ईश्वर तुमने मुझे चिड़िया क्यों बनाया? और बनाया तो मुझे उड़ने की काबिलियत क्यों नहीं दी? देखो सब मुझे कितना चिढ़ाते हैं। अब मैं यहाँ एक पल भी नहीं रह सकती, मैं इस जंगल को हमेशा-हमेशा के लिए छोड़ कर जा रही हूँ।” ऐसा कहते हुए कैसोवैरी चिड़िया थोड़ा आगे बढ़ गई।

अभी वह कुछ ही दूर गई थी कि पीछे से एक भारी-भरकम आवाज़ आई-“रुको कैसोवैरी! तुम कहाँ जा रही हो?”

आजतक किसी ने भी कैसोवैरी के साथ इतने अच्छे से बात नहीं की थी। उसने आश्चर्य से पीछे गुड़ कर देखा, वहाँ खड़ा जामुन का पेड़ उससे कुछ कह रहा था।

“कृपया तुम यहाँ से मत जाओ, हमें तुम्हारी जरूरत है। पूरे जंगल में हम सबसे अधिक तुम्हारी वजह से ही फल-फूल पाते हैं। वह तुम ही हो जो अपनी मजबूत चोंव से फलों को अन्दर तक खाती हो और हमारे बीजों को पूरे जंगल में बिखेरती हो। हो सकता है बाकी चिड़ियों के लिए तुम मायने ना रखती हो लेकिन हम पेड़ों के लिए तुमसे बढ़कर कोई दूसरी चिड़िया नहीं है। मत जाओ, तुम्हारी जगह कोई और नहीं ले सकता।”

पेड़ की बातों ने कैसोवैरी के दिल को छुआ। उसकी बातें सुनकर आज पहली बार उसे जीवन में यह एहसास हुआ कि वह इस धरती पर बेकार में मौजूद नहीं है। भगवान ने उसे एक बेहद जरूरी काम के लिए भेजा है और सिर्फ बाकी चिड़ियों की तरह न उड़ पाना कहीं से उसे छोटा नहीं बनाता। आज कैसोवैरी चिड़िया बहुत खुश थी। वह खुशी-खुशी जंगल में लौट गई।

कैसोवैरी चिड़िया की तरह ही कई बार हम इंसान भी औरों को देखकर खुद में लघुता का अनुभव करते हैं। हम अपने पास की चीजों को महत्ता न देकर, ये सोचते हैं कि विधाता ने हमें वे चीजें क्यों नहीं दीं, जो दूसरों के पास हैं। ऐसी स्थिति में हम खुद को दीन-हीन और दूसरों को सौभाग्यशाली मानकर विधाता को कोसने लगते हैं।

हमें कभी भी बेकार की तुलना में नहीं पड़ना चाहिए। हर एक इंसान अपने आप में अनोखा है और अलग है। हर किसी के अन्दर कोई-न-कोई बात है जो उसे खास बनाती है। हो सकता है कि वह दूसरों के लिए बस एक इंसान हो लेकिन किसी एक के लिए वह पुरी दुनिया हो सकता है। जीवन की महत्ता को समझकर, उसे सकारात्मक सोच का उपहार देकर हम अपने इस अमूल्य जीवन को और बेहतर बना सकते हैं।

(i) कैसोवैरी चिड़िया सबसे अलग कैसे थी? बाकी चिड़ियों का व्यवहार उसके साथ कैसा था?        [3]

(ii) कैसोवैरी को किससे क्या शिकायत थी? उसकी यह शिकायत कैसे दूर हुई?                           [3]

(iii) हम अपनी जिन्दगी को कैसे बेहतर बना सकते हैं? गद्यांश के आधार पर स्पष्ट कीजिए।             [3]

(iv) निम्नलिखित पंक्तियों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनिए।

“कृपया तुम यहाँ से मत जाओ, हमें तुम्हारी ज़रूरत है। पूरे जंगल में हम सबसे अधिक तुम्हारी वजह से ही फल-फूल पाते हैं।”

  1. इस कथन के आधार पर जामुन के पेड़ की किन विशेषताओं का पता चलता है?         [1]
    1. नम्रता और प्रेम
    2. अहंकार और दया
    3. करुणा और क्रोध
    4. धैर्य और गर्व
  2. कैसोवैरी के किस काम की वजह से जामुन का पेड़ फलता-फूलता था?   [1]
    1. उसके जामुन न खाने से
    2. उसके कोटर में रहने से
    3. उसके जंगल में बीज बिखेरने से
    4. उसके न उड़ पाने से
  3. कैसोवैरी पर जामुन के पेड़ की बातों का क्या प्रभाव पड़ा?         [1]
    1. वह गुस्सा हो गई।
    2. उसे अपनी पहचान मिली।
    3. उसने जंगल छोड़ दिया।
    4. वह उड़ना सीखने लगी।

(v) निम्नलिखित पंक्तियों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनिए:

“पेड़ की बातों ने कैसोवैरी के दिल को छुआ। उसकी बातें सुनकर आज पहली बार उसे जीवन में यह एहसास हुआ कि वह इस धरती पर बेकार में मौजूद नहीं है।”

  1. 'दिल को छुआ' - पंक्ति से क्या आशय है?             [1]
    1. भाव-विभोर होना।
    2. मन दुखी होना।
    3. मन में निराशा उत्पन्न होना।
    4. मन उदासीन होना।
  2. “...वह इस धरती पर बेकार में मौजूद नहीं है।"- पंक्ति से कैसोवैरी के मन के किस भाव का पता चलता है?                          [1]
    1. उदारता का भाव
    2. लघुता का भाव
    3. आत्मीयता का भाव
    4. आत्मविश्वास का भाव
  3. 'मौजूद' शब्द गद्यांश में किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है?            [1]
    1. अस्तित्व के सन्दर्भ में
    2. मायूसी के सन्दर्भ में
    3. झुँझलाहट के सन्दर्भ में
    4. प्रताड़ना के सन्दर्भ में
संक्षेप में उत्तर
एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

(i) कैसोवैरी चिड़िया बाकी चिड़ियों से अलग इसलिए थी क्योंकि वह उड़ नहीं सकती थी। वह जानवरों के समान जमीन पर चरती रहती थी इसी कारण जंगल की अन्य चिड़ियाँ उसे चिढ़ाती रहती थीं। बाकी चिड़ियों के बच्चे उसे चिढ़ाते थे, मजाक उड़ाते थे और उसकी उड़ने की अक्षमता पर ताने मारते थे। उससे कहती थीं कि, जब तू उड़ नहीं सकती तो चिड़िया किस काम की?”

(ii) कैसोवैरी को भगवान से शिकायत थी कि उसे चिड़िया बनाकर उड़ने की क्षमता क्यों नहीं दी। उसकी यह शिकायत तब दूर हुई जब जामुन के पेड़ ने उसे बताया कि वह पेड़ों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपने मजबूत चोंच से फलों को खाती है और उनके बीजों को जंगल में फैलाती है।

(iii) हम अपनी जिन्दगी को बेहतर बना सकते हैं अगर हम दूसरों से अपनी तुलना न करें और अपनी विशेषताओं को पहचानें। हमें सकारात्मक सोच के साथ अपनी क्षमताओं को समझना चाहिए और उनका सही उपयोग करना चाहिए। हर व्यक्ति के अंदर कुछ विशेष होता है जो उसे अनोखा बनाता है।

(iv)

  1. नम्रता और प्रेम
  2. उसके जंगल में बीज बिखेरने से
  3. उसे अपनी पहचान मिली

(v)

a. भाव-विभोर होना

b. आत्मविश्वास का भाव

c. अस्तित्व के सन्दर्भ में

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गद्य (१२ वी कक्षा )
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
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