हिंदी

"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।" कहानी में किन-किन चीज़ों को तर माल कहा गया है? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

कहानी में किन-किन चीज़ों को तर माल कहा गया है?

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

अंडे और मक्खन को तर माल कहा गया है।

shaalaa.com
एक दिन की बादशाहत
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 10: एक दिन की बादशाहत - एक दिन की बादशाहत [पृष्ठ ८२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 5
अध्याय 10 एक दिन की बादशाहत
एक दिन की बादशाहत | Q 1. | पृष्ठ ८२

संबंधित प्रश्न

अब्बा ने क्या सोचकर कहानी की बात मान ली?


अगर तुम्हें घर में एक दिन के लिए सारे अधिकार दे दिए जाएँ तो तुम क्या-क्या करोगी?


"दोनों घंटों बैठकर इन पाबंदियों से बच निकलने की तरकीबें सोचा करते थे।"

तुम्हारे विचार से वे कौन कौन-सी तरकीबें सोचते होंगे?


"दोनों घंटों बैठकर इन पाबंदियों से बच निकलने की तरकीबें सोचा करते थे।"

कौन-सी तरकीब से उनकी इच्छा पूरी हो गई थी?


“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

अम्मी के अधिकार किसने छीन लिए थे?


“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

क्या उन्हें अम्मी के अधिकार छीनने चाहिए थे?


तुम्हारे विचार से इस कहानी का नाम ‘एक दिन की बादशाहत’ क्यों रखा गया है? तुम भी अपने मन से सोचकर कहानी को कोई शीर्षक दो।


कहानी में उस दिन बच्चों को सारे बड़ों वाले काम करने पड़े थे। ऐसे में कौन एक दिन का असली ‘बादशाह’ बन गया था?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

इन चीज़ों के अलावा और किन-किन चीज़ों को ‘तर माल’ कहा जा सकता है?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

इन चीज़ों को तुम क्या नाम देना चाहोगी? सुझाओ।


"बिल्कुल इसी तरह तो वह आरिफ़ और सलीम से उनकी मनपसंद कमीज़ उतरवा कर निहायत बेकार कपड़े पहनने का हुक्म लगाया करती हैं।"

तुम्हें भी अपना कोई खास कपड़ा सबसे अच्छा लगता होगा। उस कपड़े के बारे में बताओ। वह तुम्हें सबसे अच्छा क्यों लगता है?


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

पहनने की चीजें


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

खाने-पीने की चीजें


“इतनी भारी साड़ी क्यों पहनी?”

यहाँ पर ‘भारी साड़ी’ से क्या मतलब है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×