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Question
"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"
कहानी में किन-किन चीज़ों को तर माल कहा गया है?
Solution
अंडे और मक्खन को तर माल कहा गया है।
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अब्बा ने क्या सोचकर कहानी की बात मान ली?
वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-
अम्मी ने
वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-
दादी ने
अगर तुम्हें घर में एक दिन के लिए सारे अधिकार दे दिए जाएँ तो तुम क्या-क्या करोगी?
"दोनों घंटों बैठकर इन पाबंदियों से बच निकलने की तरकीबें सोचा करते थे।"
तुम्हारे विचार से वे कौन कौन-सी तरकीबें सोचते होंगे?
"दोनों घंटों बैठकर इन पाबंदियों से बच निकलने की तरकीबें सोचा करते थे।"
कौन-सी तरकीब से उनकी इच्छा पूरी हो गई थी?
“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”
क्या उन्हें अम्मी के अधिकार छीनने चाहिए थे?
‘बादशाहत’ क्या होती है? चर्चा करो।
"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"
कुछ ऐसी चीज़ों के नाम भी बताओ, जो तुम्हें ‘तर माल’ नहीं लगतीं।
"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"
इन चीज़ों को तुम क्या नाम देना चाहोगी? सुझाओ।
कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?
खाने-पीने की चीजें
कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?
करने के काम
कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?
खेल
“इतनी भारी साड़ी क्यों पहनी?”
यहाँ पर ‘भारी साड़ी’ से क्या मतलब है?
'भारी' की तरह हल्का का भी अलग-अलग अर्थों में इस्तेमाल करो।